अमेरिका-ईरान समझौते में पाकिस्तान की भूमिका पर इजरायल ने उठाए सवाल, बोले- भरोसे के लायक नहीं
US-ईरान शांति समझौते पर इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान की भूमिका को खारिज करते हुए कहा कि इजरायल पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता। जानिए पूरा बयान।

यरुशलम। अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को लेकर पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इस बीच भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान की किसी भी संभावित मध्यस्थ भूमिका को खारिज करते हुए कहा है कि इजरायल पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने पाकिस्तान के इजरायल विरोधी रुख और हालिया बयानों को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
पाकिस्तान की भूमिका पर इजरायल का सख्त रुख
समाचार एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि पाकिस्तान के व्यवहार ने भरोसे की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इजरायल के प्रति रवैया और वहां के नेताओं की यहूदी-विरोधी टिप्पणियां बेहद चिंताजनक रही हैं। अजार ने कहा, “हम पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करते। उनका व्यवहार निंदनीय रहा है और इसमें कुछ भी नया नहीं है।”
ट्रंप के बयान के बाद आई प्रतिक्रिया
रूवेन अजार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि इजरायल और पाकिस्तान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं होने के बावजूद पाकिस्तान क्षेत्रीय मामलों में भूमिका निभा सकता है। हालांकि इजरायल ने इस संभावना को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए पाकिस्तान की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं।
ख्वाजा आसिफ के बयान से बढ़ा था विवाद
इजरायल और पाकिस्तान के बीच रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। अप्रैल में दोनों देशों के बीच बयानबाजी तब और तेज हो गई थी जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को “मानवता के लिए अभिशाप” और “कैंसर” बताया था।
इसके जवाब में इजरायल ने इन टिप्पणियों को बेहद आपत्तिजनक करार देते हुए कहा था कि ऐसे बयान पाकिस्तान की निष्पक्ष मध्यस्थ बनने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
लेबनान को लेकर भी अजार ने दी सफाई
इंटरव्यू के दौरान रूवेन अजार ने अमेरिका-ईरान समझौते में लेबनान की किसी भूमिका से भी इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना है ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।
अजार ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना इस समझौते की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है और इससे जुड़ी अन्य अटकलों का कोई आधार नहीं है।
लेबनान के साथ शांति वार्ता जारी
इजरायली राजदूत ने कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और उसके भविष्य से जुड़े फैसले लेबनान की सरकार को ही लेने हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लेबनान और इजरायल के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर बफर जोन में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा।
हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के संकेत
रूवेन अजार ने कहा कि इजरायल हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका-ईरान समझौते में इजरायल प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है और अंतिम निर्णय इजरायली कैबिनेट द्वारा समझौते की शर्तों की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।




