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इंडोनेशिया में 6.7 तीव्रता के भूकंप से दहला पालू, लोगों में फिर ताजा हुई सुनामी की यादें

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में 6.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से पालू शहर में दहशत फैल गई। कई इमारतों को नुकसान पहुंचा, अस्पताल खाली कराए गए, हालांकि सुनामी का खतरा नहीं बताया गया।

पालू। इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में मंगलवार (16 जून 2026) को आए 6.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने मध्य सुलावेसी प्रांत की राजधानी पालू और आसपास के क्षेत्रों को हिलाकर रख दिया। भूकंप के तेज झटकों से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में नागरिक घरों, कार्यालयों तथा सार्वजनिक भवनों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे।

भूकंप के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। खासकर पालू के लोगों के लिए यह घटना पुरानी भयावह यादें ताजा कर गई, क्योंकि वर्ष 2018 में इसी क्षेत्र ने विनाशकारी भूकंप और सुनामी का सामना किया था।

अस्पतालों से मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

भूकंप के झटकों के बाद सुरक्षा को देखते हुए शहर के कई अस्पतालों से मरीजों को बाहर निकाला गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों को स्ट्रेचर और मेडिकल उपकरणों के साथ खुले स्थानों पर पहुंचाया ताकि किसी संभावित खतरे से बचाया जा सके। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में मरीजों एवं चिकित्साकर्मियों को अस्पताल परिसरों के बाहर सुरक्षित स्थानों पर देखा गया।

होटल और भवनों को पहुंचा नुकसान

शहर के एक प्रमुख चार सितारा होटल के प्रबंधन के अनुसार, भूकंप आते ही होटल को खाली करा लिया गया था। हालांकि होटल को केवल मामूली क्षति पहुंची, लेकिन मेहमानों के बीच भारी घबराहट का माहौल रहा। इसके अलावा शहर के कई इलाकों में भवनों की दीवारों में दरारें आने, छतों के क्षतिग्रस्त होने और सड़कों पर मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन द्वारा नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

भूकंप के बाद महसूस हुए कई आफ्टरशॉक्स

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप का केंद्र पालू से लगभग 43 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई। मुख्य झटके के बाद क्षेत्र में कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिनमें सबसे शक्तिशाली झटका 5.2 तीव्रता का था। इसके चलते लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

सुनामी का खतरा नहीं, लेकिन सतर्क रहने की सलाह

इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकीय एजेंसी (BMKG) ने स्पष्ट किया है कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद तटीय क्षेत्रों में रहने वाले कई लोग एहतियातन समुद्र तटों से दूर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। एजेंसी ने लोगों से सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

राहत एवं बचाव अभियान जारी

इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय कर दिया गया है और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार अभी तक नुकसान और संभावित हताहतों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।

‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है इंडोनेशिया

इंडोनेशिया दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है। इस कारण यहां अक्सर भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और अन्य भूगर्भीय गतिविधियां देखने को मिलती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां सामान्य हैं, लेकिन बड़े भूकंपों के बाद आफ्टरशॉक्स का खतरा कुछ दिनों तक बना रह सकता है।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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