छत्तीसगढ़

कार्य संस्कृति में बदलाव का आधार बना प्रगति पोर्टल—विष्णु देव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का सशक्त प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल के संबंध में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस का सजीव उदाहरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति पोर्टल केवल बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नए भारत की नई कार्य संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस की अवधारणा को व्यवहार में सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है।

केंद्र–राज्य समन्वय का प्रभावी सेतु

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विश्व में एक आदर्श प्रणाली के रूप में देखा जाता है, जिसके पीछे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, समन्वय और सहयोग की अहम भूमिका रही है। प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच योजनाओं और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत सेतु बनकर उभरा है।

प्रो-एक्टिव गवर्नेंस और समयबद्ध क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति का अर्थ है—Pro-Active Governance and Timely Implementation। यानी योजनाओं की पूर्व तैयारी कर उनका समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा कि पहले कई परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन उनके पूर्ण होने की कोई समय-सीमा तय नहीं होती थी। वर्षों से लंबित परियोजनाओं, प्रशासनिक अड़चनों और विभागीय समन्वय की कमी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए ही प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म को लागू किया गया।

प्रधानमंत्री स्वयं करते हैं नियमित समीक्षा

  • मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वयं राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के सचिवों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय प्रगति बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
  • इन बैठकों के माध्यम से लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति मिली है। साथ ही एक देश–एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन सहित 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
  • इसके अतिरिक्त बैंकिंग, बीमा, रेरा, जनधन योजना और मातृत्व वंदना सहित 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।

छत्तीसगढ़ में 91% से अधिक समाधान दर

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। राज्य में वर्तमान में 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
  • इनमें से 50 परियोजनाएँ पूर्ण होकर संचालित हो चुकी हैं, जबकि शेष विभिन्न चरणों में हैं।
  • प्रगति पोर्टल पर छत्तीसगढ़ से जुड़े 200 मुद्दों में से 183 का समाधान किया जा चुका है, जिससे राज्य की समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है।

प्रमुख क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं को मिली गति

मुख्यमंत्री ने बताया कि पावर सेक्टर में 24, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग में 23, रेलवे में 14, कोयला क्षेत्र में 7 और इस्पात क्षेत्र में 9 परियोजनाओं की समस्याओं का समाधान किया गया है।

भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट जैसी वर्षों से लंबित परियोजनाओं को भी प्रगति प्लेटफॉर्म से नई गति मिली है। इससे औद्योगिक विकास को बल मिला और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सुशासन की दिशा में किए गए नवाचारों की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी सराहना की है और इसे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावी तंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विकसित भारत का विजन केवल शब्द नहीं, बल्कि एक स्पष्ट रोडमैप है, जिसे प्रगति पोर्टल जैसे नवाचार व्यवहार में सिद्ध कर रहे हैं।

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