
उत्तम नगर. दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुए विवाद में युवक तरुण की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने द्वारका कोर्ट में करीब 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल करते हुए 18 आरोपियों को नामजद किया है। इस मामले में कुल 20 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने नाबालिग आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) को भेजने की अपील की है।
पानी के गुब्बारे से बढ़ा विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, घटना 4 मार्च को होली के दिन उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में हुई थी। बताया गया कि एक छोटी बच्ची द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा सड़क पर खड़ी महिला को लग गया था। मामूली बहस कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
तरुण पर घर के पास हुआ हमला
चार्जशीट में कहा गया है कि झगड़े के बाद 26 वर्षीय तरुण को उसके घर के पास रोककर बुरी तरह पीटा गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तरुण डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कर रहा था और परिवार का सहारा माना जाता था। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा फैलाने और हत्या जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 95 और 103(2) भी लगाई गई हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले से जुड़े सबूत, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी जांच को चार्जशीट में शामिल किया गया है।
दो आरोपी अब भी फरार
जांच के दौरान पुलिस अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। फरार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
इलाके में बढ़ाई गई थी सुरक्षा
घटना के बाद उत्तम नगर और आसपास के क्षेत्रों में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई थी। मामले ने सांप्रदायिक तनाव का रूप भी ले लिया था, जिसके चलते ईद के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की निगरानी बढ़ाई गई।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं। Rekha Gupta समेत कई नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा जताया था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज की जाएगी।




