आयुष्मान योजना में शामिल होंगे हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट, डिप्टी सीएम ने दिए सेवाओं के विस्तार के संकेत
मध्य प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट को बढ़ावा देने के लिए उप मुख्यमंत्री ने एम्स भोपाल के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। आयुष्मान योजना में किडनी पैकेज वृद्धि और हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट जोड़ने पर विमर्श हुआ। ऑर्गन डोनर्स के सम्मान और आधुनिक रोबोटिक तकनीक के विस्तार के साथ प्रदेश में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में एम्स भोपाल के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर प्रदेश में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं के विस्तार पर मंथन किया। इस बैठक का मुख्य केंद्र राज्य में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों को सुदृढ़ बनाना और तकनीकी रूप से उन्नत करना था। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि ऑर्गन डोनर्स को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान करने और राष्ट्रीय पर्वों पर उनके परिवारों को सम्मानित करने की पहल से समाज में एक सकारात्मक संदेश जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि अंगदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सके।
आयुष्मान भारत योजना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चर्चा
बैठक के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से किडनी ट्रांसप्लांट के पैकेज में वृद्धि करने और योजना में हार्ट तथा लंग ट्रांसप्लांट को भी शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। अंग प्राप्ति की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए संभावित ब्रेन-डेड डोनर्स की समय पर पहचान और त्वरित रेफरल सिस्टम को मजबूत करने पर बल दिया गया। इसके अलावा, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का सुझाव दिया गया, ताकि अंग प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो सके।
आधुनिक तकनीक और रोबोटिक सर्जरी पर जोर
चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और सफलता दर बढ़ाने के लिए उप मुख्यमंत्री ने प्रत्यारोपण सर्जरी में आधुनिक तकनीकों, विशेष रूप से रोबोटिक सर्जरी के विस्तार पर चर्चा की। एम्स भोपाल की टीम ने अब तक किए गए किडनी और हार्ट ट्रांसप्लांट की प्रगति रिपोर्ट साझा की और लंग ट्रांसप्लांट सेवाओं को शुरू करने के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। सरकार ने इन उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है। इस संवाद के दौरान एम्स के निदेशक और विशेषज्ञ टीम के सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।




