
नई दिल्ली. चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ओला, उबर और इनड्राइव से जुड़े कैब ड्राइवरों ने 9 दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। 9 जून से 16 जून तक चलने वाले इस आंदोलन के दौरान ड्राइवर रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सेवाएं बंद रखेंगे। किराया बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुई इस हड़ताल से करीब 50 हजार यात्रियों के प्रभावित होने की आशंका है, जिससे लोगों को सार्वजनिक परिवहन और ऑटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ सकता है।
किराया नहीं बढ़ने से नाराज हैं कैब ड्राइवर
कैब ड्राइवरों का कहना है कि वर्ष 2025 में चंडीगढ़ प्रशासन ने किराया 25 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया था। इसके बाद पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हुई, लेकिन किराए में कोई संशोधन नहीं किया गया। लगातार बढ़ते परिचालन खर्च के कारण ड्राइवरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
35 रुपये प्रति किलोमीटर किराया करने की मांग
ड्राइवर एसोसिएशन का दावा है कि बीते एक साल में सीएनजी की कीमत करीब 9 रुपये प्रति किलो बढ़ चुकी है, जबकि पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़े हैं। ऐसे में वे मौजूदा 25 रुपये प्रति किलोमीटर किराए को बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन और अधिकारियों के समक्ष यह मांग रखी गई, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।
50 हजार यात्रियों पर पड़ सकता है असर
हड़ताल के चलते चंडीगढ़ ट्राइसिटी क्षेत्र में रोजाना कैब सेवाओं का उपयोग करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले यात्रियों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।
दिल्ली-NCR में भी हो चुकी है टैक्सी-ऑटो हड़ताल
इससे पहले 21 से 23 मई के बीच दिल्ली-एनसीआर में भी ऑटो और टैक्सी चालकों ने हड़ताल की थी। उस दौरान दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लाखों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। यह विरोध कमर्शियल वाहनों पर बढ़े शुल्क और पुराने BS-4 वाहनों पर प्रतिबंध को लेकर किया गया था। हालांकि उस समय ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप आधारित सेवाओं ने आंदोलन का समर्थन नहीं किया था।




