धर्म

संक्रांति स्पेशल: काले तिल के 6 उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत

मकर संक्रांति पर काले तिल के विशेष उपाय जानें—शनि, सूर्य और पितृ दोष से राहत, दान-पुण्य के शुभ फल और धन-समृद्धि के योग।

आमतौर पर मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और यहीं से सूर्य की उत्तरायण यात्रा आरंभ होती है।

यह दिन दान, पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। खासकर काले तिल का विशेष महत्व है—तिल का दान और सेवन शुभ फल देता है। मान्यता है कि तिल से जुड़े कुछ उपाय करने से शनि दोष, सूर्य दोष और पितृ दोष के प्रभाव में कमी आती है।

शनि मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाएं

मकर संक्रांति के दिन शनि मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष में राहत मिलती है। स्नान के बाद काले तिल का दान करना भी विशेष फलदायी माना गया है।

गंगाजल में काले तिल मिलाकर स्नान करें

भिगोए हुए काले तिल को गंगाजल में मिलाकर स्नान करें। इससे रोग-दोष दूर होते हैं, सकारात्मकता बढ़ती है और आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनते हैं।

सूर्य को अर्घ्य दें

मकर संक्रांति पर सूर्य उपासना का विशेष महत्व है। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, काले तिल, फूल और अक्षत डालकर मंत्र जप के साथ अर्घ्य अर्पित करें। इससे आत्मबल और स्वास्थ्य में वृद्धि मानी जाती है।

पीपल के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं

पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाकर पूर्वजों का स्मरण करें। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।

काले तिल और गुड़ का दान—लक्ष्मी कृपा

इस दिन काला तिल और गुड़ का दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। जरूरतमंदों को ठंडे कपड़े दान करने से धनागमन और समृद्धि के योग बनते हैं।

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इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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