भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: डिप्टी सीएम अरुण साव ने ली सख्त कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई। बीजापुर सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के मामले में PWD के एक EE और दो SDO निलंबित, उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद आदेश जारी।
रायपुर. राज्य शासन ने जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) नीति पर सख्ती से अमल करते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्तता और गिरफ्तारी के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक कार्यपालन अभियंता (EE) और दो अनुविभागीय अधिकारियों (SDO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बीजापुर सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला
बीजापुर जिले के नेलसनार–कोडोली–मिरतुल–गंगालुर मार्ग के निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में गंगालूर थाना में अपराध पंजीबद्ध होने के बाद विवेचना के दौरान संलिप्तता सामने आई। इसके आधार पर लोक निर्माण विभाग ने सख्त कार्रवाई की।
निलंबित अधिकारी कौन-कौन
विभाग द्वारा निलंबित किए गए अधिकारियों में—
- लोक निर्माण विभाग, संभाग सुकमा के कार्यपालन अभियंता हरनारायण पात्र
- उपसंभाग क्रमांक-1 बीजापुर के अनुविभागीय अधिकारी प्रमोद सिंह तंवर
- सेतु उपसंभाग जगदलपुर के अनुविभागीय अधिकारी संतोष दास शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद आदेश
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने मंत्रालय से तीनों अभियंताओं के निलंबन के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि के दौरान इन अधिकारियों का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है।
निलंबन अवधि में भत्ते की पात्रता
निलंबन अवधि के दौरान तीनों अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




