मनोरंजन

रील रोमांटिक हीरो से रियल साइकोलॉजिकल परफॉर्मर तक का सफर इसी फिल्म से बदला

मुंबई. अभिनेता कार्तिक आर्यन के करियर में ‘फ्रेडी’ एक ऐसी फिल्म है, जिसने उनकी छवि ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में उनकी पहचान भी पूरी तरह बदल दी। तीन साल पहले रिलीज हुई यह फिल्म आज उनके करियर का सबसे साहसी और परिवर्तनकारी प्रयोग मानी जाती है। ‘भूल भुलैया 3’ की ब्लॉकबस्टर सफलता और ‘चंदू चैंपियन’ की आलोचनात्मक सराहना से काफी पहले ही कार्तिक ने ‘फ्रेडी’ के जरिए यह साबित कर दिया था कि वह रिस्क लेने से नहीं डरते और अपने किरदार में पूरी तरह डूब जाने वाले अभिनेता हैं।

‘बॉय नेक्स्ट डोर’ की छवि तोड़ने वाला किरदार

2022 में ओटीटी पर रिलीज हुई ‘फ्रेडी’ ने कार्तिक की उस छवि को तोड़ दिया, जिसमें उन्हें वर्षों तक चॉकलेटी, रोमांटिक और मज़ेदार बॉय-नेक्स्ट-डोर के रूप में देखा जाता रहा था। फिल्म में उन्होंने डॉ. फ्रेडी जिनवाला का किरदार निभाया—एक ऐसा दंत चिकित्सक जो बाहर से शांत, शालीन और साधारण दिखता है, लेकिन भीतर से अकेलेपन, बेचैनी और गहरे मनोवैज्ञानिक द्वंद्वों से जूझता रहता है। यह रोल न सिर्फ उनके अब तक के स्क्रीन पर्सोना से बिल्कुल अलग था, बल्कि भावनात्मक और मानसिक स्तर पर भी बेहद चुनौतीपूर्ण था।

किरदार के लिए बदला शरीर, बढ़ाया 16–18 किलो वजन

‘फ्रेडी’ को वास्तविक बनाने के लिए कार्तिक ने अपने शरीर में जबरदस्त बदलाव किया। उन्होंने इस रोल के लिए 16 से 18 किलो वजन बढ़ाया और उनका बॉडी फैट 40–42 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसका असर उनकी—

  • धीमी चाल
  • झुका हुआ पोस्चर
  • बेहद सूक्ष्म एक्सप्रेशंस

में साफ दिखाई दिया, जिसने किरदार की मानसिक स्थिति को पूरी तरह जीवंत बना दिया। दर्शकों और समीक्षकों ने एकमत से माना कि कार्तिक का यह कंट्रोल्ड और गहराई से महसूस किया गया अभिनय ही फिल्म की आत्मा था।

‘फ्रेडी’ के बाद ‘चंदू चैंपियन’ तक का उलटा सफर

‘फ्रेडी’ के तुरंत बाद कार्तिक को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए ठीक इसके उलट शारीरिक सफर तय करना पड़ा—जहां उन्हें एक एथलीट जैसी स्टील बॉडी बनानी थी और कड़े सैन्य अनुशासन में ट्रेनिंग लेनी थी।

दो बिल्कुल विपरीत शारीरिक अवस्थाओं और भावनात्मक दुनियाओं के बीच यह जबरदस्त बदलाव उनकी वर्क एथिक, समर्पण और एक्टिंग के प्रति जुनून का सबसे बड़ा प्रमाण है।

तीन साल बाद ‘फ्रेडी’ क्यों मानी जाती है टर्निंग पॉइंट?

आज, तीन साल बाद ‘फ्रेडी’ सिर्फ एक ओटीटी थ्रिलर नहीं, बल्कि कार्तिक आर्यन के करियर का निर्णायक मोड़ मानी जाती है। इसी फिल्म के बाद उन्हें सिर्फ एक ‘हिट मशीन’ नहीं, बल्कि एक गंभीर, जोखिम उठाने वाले और एक्सपेरिमेंटल अभिनेता के रूप में देखा जाने लगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button