छत्तीसगढ़

जेलों की सुरक्षा बढ़ी: गरियाबंद और अंबिकापुर जेल के आसपास ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध, प्रशासन का सख्त आदेश

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और अंबिकापुर में जेल सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला। जिला जेलों के आसपास ड्रोन उड़ाने, हवाई फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगाया गया है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में जेलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बंदियों तक ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की आशंकाओं के बीच गरियाबंद और अंबिकापुर जिला प्रशासन ने जेल परिसरों के आसपास ड्रोन उड़ाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

गरियाबंद जिला जेल के आसपास 200 मीटर तक ड्रोन प्रतिबंधित

गरियाबंद जिला प्रशासन ने जिला जेल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जेल परिसर के 200 मीटर के दायरे को ‘नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया है। कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने धारा 188 के तहत आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब जेल परिसर के आसपास किसी भी प्रकार के ड्रोन का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।

अंबिकापुर केंद्रीय जेल के 100 मीटर क्षेत्र को बनाया रेड जोन

अंबिकापुर में केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। इसके तहत जेल की मुख्य परिधि से 100 मीटर के दायरे को रेड जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, गुब्बारे और अन्य हवाई उपकरणों के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।

हवाई फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी प्रतिबंधित

प्रशासन के आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की हवाई फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे जेल की सुरक्षा और संवेदनशील जानकारी के लीक होने की आशंका को रोका जा सकेगा।

ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की आशंका

प्रशासन का कहना है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर कुछ असामाजिक तत्व जेल परिसर तक मोबाइल, नशीले पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कानूनी दंड का सामना करना पड़ सकता है।

जेल सुरक्षा को लेकर प्रशासन की बड़ी पहल

अधिकारियों के अनुसार यह फैसला जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी सुरक्षा संबंधी मामलों में आवश्यकता पड़ने पर और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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