मध्य प्रदेश

भोपाल में गन लाइसेंस पर सख्ती: 500 कारतूस की सीमा तय, 69 शूटर्स के लाइसेंस रद्द

भोपाल में स्पोर्ट्स कोटे के कारतूसों के दुरुपयोग के खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने गन लाइसेंस नियम सख्त कर दिए हैं। अब एक बार में 500 और सालभर में 1000 कारतूस ही मिलेंगे, जबकि 69 लाइसेंस रद्द किए गए हैं।

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्पोर्ट्स कोटे के तहत जारी होने वाले कारतूसों के कथित दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने हथियार लाइसेंस और कारतूस वितरण व्यवस्था पर सख्ती बढ़ा दी है। जांच में सामने आया कि खेल गतिविधियों के लिए जारी किए जाने वाले कारतूसों का इस्तेमाल कथित रूप से गलत हाथों तक पहुंचने में हो रहा था। इसके बाद प्रशासन ने व्यापक जांच कर कई अहम फैसले लिए हैं।

135 शूटर्स की जांच, 69 लाइसेंस रद्द

प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में 135 शूटर्स के लाइसेंसों की समीक्षा की गई। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर 69 लाइसेंस रद्द कर दिए गए, जबकि 10 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ ऐसे लोगों के नाम पर भी कारतूस जारी किए जा रहे थे, जिनकी सक्रिय खेल गतिविधियों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।

अब एक बार में सिर्फ 500 कारतूस

जिला प्रशासन ने नए नियम लागू करते हुए कारतूस जारी करने की सीमा तय कर दी है। अब किसी भी शूटर को एक बार में अधिकतम 500 कारतूस और पूरे वर्ष में 1000 कारतूस ही जारी किए जाएंगे।

यदि किसी खिलाड़ी को प्रतियोगिताओं या प्रशिक्षण के लिए इससे अधिक कारतूस की आवश्यकता होगी, तो उसे खेल विभाग या खेल संचालक से सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद ही अतिरिक्त कारतूस जारी किए जा सकेंगे।

हथियारों की संख्या पर भी लगी सीमा

नए नियमों के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए भी हथियार रखने की सीमा तय की गई है। अब ऐसे खिलाड़ी अधिकतम दो गन लाइसेंस ही रख सकेंगे। इससे पहले कई खिलाड़ियों को 8 से 10 हथियार रखने की अनुमति प्राप्त थी।

हर गोली का रखा जाएगा रिकॉर्ड

प्रशासन अब कारतूसों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है। राज्य सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में इस्तेमाल किए गए कारतूसों के खाली खोखों (शेल) का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य बनाने की सिफारिश की गई है।

इसके अलावा शूटरों को लिखित रूप से यह जानकारी भी देनी होगी कि वे कारतूस किस प्रतियोगिता के लिए खरीद रहे हैं और उनका उपयोग किस शूटिंग रेंज में किया जाएगा।

‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत कार्रवाई

कारतूस वितरण में कथित गड़बड़ियों के खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू किया है। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य खेल गतिविधियों को प्रभावित करना नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स कोटे की सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकना और हथियारों तथा कारतूसों की पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों से वास्तविक खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा और खेल के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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