साइबर ठगी के ‘म्यूल अकाउंट’ रैकेट का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार, लाखों के संदिग्ध ट्रांजेक्शन उजागर
भिलाई में साइबर ठगी से जुड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क का खुलासा। मोहननगर पुलिस ने 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन और अवैध लेन-देन का पता चला।

भिलाई. छत्तीसगढ़ के भिलाई में साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मोहननगर पुलिस ने ऐसे 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी से प्राप्त रकम का लेन-देन कर रहे थे। जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कोटक महिंद्रा बैंक खातों के जरिए हो रहा था लेन-देन
पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों द्वारा ठगी से हासिल रकम को कोटक महिंद्रा बैंक के विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था। इन खातों का उपयोग अवैध धन के हस्तांतरण और आर्थिक लेन-देन के लिए किया जा रहा था। वर्ष 2024 से 2026 के बीच हुए संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की जांच के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
समन्वय पोर्टल की शिकायतों से खुली परतें
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल और प्राप्त शिकायतों के आधार पर थाना मोहननगर क्षेत्र में संचालित बैंक खातों की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि साइबर ठगी से प्राप्त राशि इन खातों में जमा की जा रही थी और खाताधारक उससे अवैध आर्थिक लाभ कमा रहे थे।
खाताधारकों की भूमिका आई सामने
विवेचना में यह भी सामने आया कि कई खाताधारकों ने स्वयं या अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया। पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
15 आरोपी गिरफ्तार, मामला दर्ज
मोहननगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 317(2) के तहत मामला दर्ज कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पीयूष डडसेना, साहिल खान, खुशी झा, मोहम्मद फरान, अभिजीत कुमार, आदित्य रजक, आशीष चंद्राकर, निखिल साहू, रितेश मसीह, मोहम्मद सोहेल, निकिता चौहान, शुभा सेंगर, शिवम पांडेय, रितेश देवांगन और रणधीर झा शामिल हैं।




