चित्तौड़गढ़ दुर्ग में तड़के चला बुलडोजर, अवैध होटल जमींदोज कर प्रशासन ने दिया सख्त संदेश
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में पुरातत्व विभाग की जमीन पर बन रहे अवैध होटल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल और जेसीबी की मदद से तड़के बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त किया गया।

चित्तौड़गढ़. विश्व धरोहर सूची में शामिल ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग में रविवार तड़के प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुरातत्व विभाग की जमीन पर बन रहे एक अवैध दो मंजिला होटल को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए इस विशेष अभियान में प्रशासन, पुलिस और पुरातत्व विभाग की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया।
सुबह 4 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन
रविवार सुबह करीब 4 बजे प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ दुर्ग क्षेत्र पहुंचा। अवैध निर्माण को हटाने के लिए 10 जेसीबी, 8 ट्रैक्टर और 3 ब्रेकर मशीनों की मदद ली गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दुर्ग की ओर आने-जाने वाले सभी रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, हाल ही में कलेक्ट्रेट में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया गया था। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि पुरातत्व विभाग की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। इसके बाद पुरातत्व विभाग की शिकायत पर शहर कोतवाली में नामजद मामला भी दर्ज किया गया।
नोटिस के बावजूद जारी था निर्माण
पुरातत्व विभाग के अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि संबंधित होटल संरक्षित क्षेत्र में बनाया जा रहा था। विभाग की ओर से पहले नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहा। इसके बाद जिला प्रशासन के सहयोग से अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई।
राजस्थान में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई
अधिकारियों का दावा है कि राजस्थान में यह पहली ऐसी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें पुरातत्व विभाग की भूमि से अवैध निर्माण को हटाया गया है। विभाग का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से राष्ट्रीय धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में अतिक्रमण की घटनाओं पर रोक लगेगी।
अन्य अवैध होटलों और रेस्टोरेंट्स पर भी लटकी तलवार
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद दुर्ग क्षेत्र में बने अन्य अवैध निर्माणों को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020 के बाद से दुर्ग क्षेत्र में करीब 8 से 10 अवैध होटल और रेस्टोरेंट बनाए गए हैं। इन मामलों में कार्रवाई के लिए दिल्ली स्थित पुरातत्व विभाग मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही अन्य अवैध निर्माणों पर भी बुलडोजर चलाया जा सकता है।




