मध्य प्रदेश

उज्जैन महाकाल मंदिर अपडेट: संध्या-शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग ओपन, ऐसे करें रिजर्वेशन

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। जानें बुकिंग का समय, शुल्क, प्रवेश द्वार, अंतिम एंट्री टाइम और गर्भगृह प्रवेश से जुड़ा ताजा अपडेट।

उज्जैन. उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के कारण श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है, जो जीवन और मृत्यु के दार्शनिक स्वरूप को दर्शाती है। अब मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संध्या आरती और शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।

डिजिटल व्यवस्था से मिलेगा पारदर्शी और सुव्यवस्थित लाभ

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति लगातार डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में संध्या और शयन आरती की ऑफलाइन बुकिंग व्यवस्था समाप्त कर इसे पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, भीड़ प्रबंधन को आसान बनाना और श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाना है।

इस आधिकारिक वेबसाइट से करें बुकिंग

दोनों आरतियों की बुकिंग केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही की जा सकेगी: https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in

बुकिंग का समय

  • संध्या आरती: प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से
  • शयन आरती: प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से
  • बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व के आधार पर होगी।

आरती के लिए निर्धारित शुल्क

दोनों आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250 शुल्क तय किया गया है, जो शीघ्र दर्शन के समान रहेगा। प्रवेश केवल द्वार क्रमांक 1 से दिया जाएगा।

आरती में प्रवेश का अंतिम समय

  • संध्या आरती: शाम 6:00 बजे तक
  • शयन आरती: रात 10:00 बजे तक
  • आरती के दौरान चलित दर्शन की व्यवस्था भी जारी रहेगी, जिससे सामान्य श्रद्धालु भी सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सकेंगे।

शीघ्र दर्शन और भस्म आरती की मौजूदा व्यवस्था

मंदिर समिति पहले से ही —

  • भस्म आरती ऑनलाइन प्रवेश: ₹200 प्रति श्रद्धालु
  • शीघ्र दर्शन: ₹250 प्रति व्यक्ति
  • प्रतिदिन लगभग 1200 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन भस्म आरती में प्रवेश दिया जाता है।
  • इसके अलावा वीआईपी लाइन से दर्शन की सुविधा भी काउंटर या ऑनलाइन रसीद के माध्यम से उपलब्ध है।

गर्भगृह प्रवेश अब भी आम श्रद्धालुओं के लिए बंद

पहले श्रद्धालु ₹1500 शुल्क देकर गर्भगृह में प्रवेश कर सकते थे, लेकिन सावन 2023 की भारी भीड़ के कारण 4 जुलाई 2023 को इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया था। बाद में इसे खोलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब ढाई साल बाद भी आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह प्रवेश शुरू नहीं हो सका है।

श्रद्धालु-अनुकूल व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

मंदिर समिति का कहना है कि डिजिटल माध्यम से यह नई व्यवस्था अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक होगी। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु आसानी से आरती की बुकिंग कर भगवान महाकाल के दर्शन का लाभ ले सकेंगे।

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