TMC में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सायोनी घोष युवा मोर्चा अध्यक्ष पद से हटीं
टीएमसी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए ममता बनर्जी ने सायोनी घोष को युवा मोर्चा अध्यक्ष पद से हटा दिया है। जानिए पार्टी में हुए बदलावों और बागी गुट की चर्चाओं का पूरा मामला।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी हलचल के बीच पार्टी प्रमुख Mamata Banerjee ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। जादवपुर से सांसद Sayani Ghosh को युवा मोर्चा अध्यक्ष पद से हटाकर यह जिम्मेदारी अर्णब बनर्जी को सौंप दी गई है। इसके साथ ही महिला मोर्चा के नेतृत्व में भी बदलाव किया गया है। इन फैसलों को पार्टी के भीतर उभरते असंतोष और कथित बागी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
युवा मोर्चा की कमान अब अर्णब बनर्जी के हाथ
टीएमसी नेतृत्व ने युवा मोर्चा में बड़ा बदलाव करते हुए सायोनी घोष को अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह अर्णब बनर्जी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सायोनी घोष जादवपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं और हाल ही में उन्हें युवा मोर्चे का नेतृत्व सौंपा गया था। हालांकि अब संगठन में हुए नए बदलाव ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है।
महिला मोर्चा में भी हुआ बदलाव
सूत्रों के अनुसार पार्टी ने महिला मोर्चा के नेतृत्व में भी परिवर्तन किया है। कोलकाता दक्षिण से सांसद Mala Roy की जगह कालीगंज से विधायक Alifa Ahmed को महिला मोर्चा का नया अध्यक्ष बनाया गया है। इस बदलाव को भी पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
बागी गुट की अटकलों ने बढ़ाई सियासी हलचल
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के कुछ सांसद अलग रुख अपनाने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कुछ नेता लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अपने गुट को वास्तविक टीएमसी बताने का दावा पेश कर सकते हैं। हालांकि इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
लोकसभा में समर्थन को लेकर चर्चाएं तेज
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कुछ सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले भी भंग की गई थीं संगठनात्मक समितियां
विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी के भीतर बढ़ती चुनौतियों के बीच ममता बनर्जी ने 5 जून को संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव किए थे। उस समय कई समितियों को भंग कर नया संगठनात्मक ढांचा तैयार किया गया था। इस दौरान Abhishek Banerjee को राष्ट्रीय महासचिव पद पर बरकरार रखा गया था।
कांग्रेस में विलय की अटकलों पर TMC का जवाब
हाल के दिनों में यह चर्चा भी सामने आई कि टीएमसी का कांग्रेस में विलय हो सकता है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता Derek O’Brien ने ऐसी सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टीएमसी के किसी अन्य राजनीतिक दल में विलय की खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
टीएमसी में लगातार हो रहे संगठनात्मक बदलावों और बागी गतिविधियों की चर्चाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गर्मा दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की अगली रणनीति और सांसदों के रुख पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।




