छत्तीसगढ़

समावेशी विकास की मिसाल: रोजगार देने में कबीरधाम जिला प्रदेश में पहले स्थान पर

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में मनरेगा से रोज़ 32 हजार से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। 2025–26 में रोजगार, महिला व दिव्यांग सहभागिता सहित कई मानकों पर जिला प्रदेश में अव्वल।

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला में वनांचल से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है। विकासखंड कवर्धा, बोडला, सहसपुर लोहारा और पंडरिया की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत कार्य प्रगति पर हैं, जिससे ग्रामीणों को गांव में ही निरंतर रोजगार मिल रहा है।

जिले में बीते कई दिनों से औसतन 32,000 से अधिक ग्रामीणों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजगार सृजन के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार अग्रणी पंक्ति में बना हुआ है। चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में योजना के कई प्रमुख पैरामीटर में भी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले की 427 ग्राम पंचायतों में कुल 3,532 निर्माण कार्य संचालित हैं। इनमें कच्ची नाली निर्माण, गाद निकासी, तालाब निर्माण व गहरीकरण, आजीविका डबरी, अमृत सरोवर तथा पशु शेड निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से एक ओर ग्रामीणों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में आवश्यकता अनुसार अधोसंरचना का विकास भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक 78 करोड़ 81 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान सीधे ग्रामीणों के बैंक खातों में किया जा चुका है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत पर्याप्त कार्य पूर्व से स्वीकृत हैं और ग्रामीणों की मांग पर नए कार्य लगातार शुरू किए जा रहे हैं। रोजगार बढ़ाने के लिए मैदानी अमले की नियमित समीक्षा की जा रही है। वर्तमान में लक्ष्य के विरुद्ध 55 प्रतिशत से अधिक मानव-दिवस रोजगार सृजित किया जा चुका है और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कबीरधाम के सर्वाधिक रोजगार देने वाले जिलों में शामिल होने की संभावना है।

योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम ने बताया कि अब तक 3,347 ग्रामीण परिवारों को 100 दिवस का रोजगार दिया जा चुका है। रोजगार के साथ समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। आजीविका संवर्धन के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आजीविका डबरी और पशु आश्रय शेड का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही जल संरक्षण कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

मनरेगा के विभिन्न आयामों में कबीरधाम प्रदेश में अव्वल

  • दिव्यांगों को रोजगार: योजना के तहत 1,994 दिव्यांगों को रोजगार, प्रदेश में सर्वाधिक।
  • महिलाओं को रोजगार: 1,00,597 पंजीकृत महिलाओं को रोजगार, प्रदेश में सर्वाधिक।
  • पंजीकृत परिवार: 1,01,405 पंजीकृत परिवारों को रोजगार, प्रदेश में सर्वाधिक।
  • मानव-दिवस सृजन: 35.60 लाख मानव-दिवस, प्रदेश में दूसरा स्थान।
  • प्रतिदिन रोजगार: औसतन 32,000 से अधिक मजदूरों को प्रतिदिन काम, प्रदेश में दूसरा स्थान।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button