
पटना. भारतीय डाक विभाग ने डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को और मजबूत करते हुए ग्राहकों के लिए नई सुविधा शुरू की है। अब डाक विभाग के खाताधारक मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे अपनी ई-पासबुक डाउनलोड कर सकेंगे। डीओपी योजना 2.0 के तहत शुरू की गई यह सुविधा उपभोक्ताओं को बैंक शाखा या डाकघर गए बिना खाते की जानकारी देखने और डाउनलोड करने की सुविधा देगी। विभाग का उद्देश्य निजी बैंकों की तरह आधुनिक और सुविधाजनक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मोबाइल ऐप पर मिलेगी ई-पासबुक की सुविधा
भारतीय डाक विभाग द्वारा संचालित “डाक सेवा” मोबाइल एप्लीकेशन पर अब ई-पासबुक सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। इसके माध्यम से ग्राहक अपने बचत खाते की जानकारी डिजिटल रूप में प्राप्त कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे डाउनलोड भी कर सकते हैं। इससे ग्राहकों को पासबुक अपडेट कराने के लिए डाकघर जाने की आवश्यकता कम होगी।
डीओपी योजना 2.0 के तहत बढ़ रही डिजिटल सेवाएं
डाक विभाग अपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन योजना DOP 2.0 के तहत लगातार नई सेवाएं जोड़ रहा है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाजनक, तेज और पारदर्शी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना है। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में इस प्लेटफॉर्म पर और भी कई बैंकिंग सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।
केवल बैंकिंग ऐप नहीं, डाक सेवाओं का डिजिटल प्लेटफॉर्म
“डाक सेवा” एप केवल मोबाइल बैंकिंग तक सीमित नहीं है। इस ऐप पर डाक विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं और सूचनाओं को भी एकीकृत किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
जल्द जुड़ेंगी लेनदेन संबंधी सुविधाएं
फरीदाबाद स्थित सिस्टम इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ प्रबंधक संजय वर्मा के अनुसार, ई-पासबुक सेवा शुरू कर दी गई है और लेनदेन (Transaction) से जुड़ी सुविधाएं भी जल्द लॉन्च की जाएंगी। उनका कहना है कि इस ऐप का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर बैठे बैंकिंग कार्यों की सुविधा उपलब्ध कराना है।
देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क है डाक विभाग
भारतीय डाक विभाग देश के सबसे बड़े बैंकिंग नेटवर्क में से एक है। वर्तमान में देशभर में 1.64 लाख से अधिक डाकघर संचालित हैं, जहां करोड़ों लोगों के बचत खाते हैं। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में लोग अपनी बचत और वित्तीय सेवाओं के लिए डाक विभाग पर भरोसा करते हैं।
ग्राहकों को मिलेगा डिजिटल बैंकिंग का लाभ
डिजिटल सेवाओं के विस्तार से ग्राहकों को समय की बचत होगी और बैंकिंग कार्य अधिक आसान बनेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-पासबुक जैसी सुविधाएं डाक विभाग को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के क्षेत्र में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।




