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बिहार सरकार का बड़ा फैसला, ममता कार्यकर्ताओं के लिए 6.60 करोड़ रुपये मंजूर; प्रति प्रसव 600 रुपये प्रोत्साहन जारी

बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ममता कार्यकर्ताओं के लिए 6.60 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मंजूर की है। राज्य की करीब 25 हजार ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 600 रुपये दिए जाएंगे।

पटना. बिहार सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए ममता कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा बजट जारी किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य की ममता कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 6.60 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर अंतिम पूरक अनुदान में अतिरिक्त राशि की भी व्यवस्था की जा सकती है।

राज्य में वर्तमान में करीब 25 हजार ममता कार्यकर्ता सेवाएं दे रही हैं। इन्हें संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और प्रसवोत्तर देखभाल में योगदान के लिए प्रति प्रसव 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

अस्पतालों से लेकर गांवों तक निभा रही अहम भूमिका

ममता कार्यकर्ता राज्य के मेडिकल कॉलेजों, सदर अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सेवाएं दे रही हैं। इनके प्रयासों से संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ी है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता में सुधार हुआ है।

सरकार का मानना है कि ममता कार्यकर्ताओं के सहयोग से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

2008 में शुरू हुई थी योजना

ममता कार्यकर्ता योजना की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी। उस समय प्रति प्रसव केवल 100 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। इसके बाद वर्ष 2016-17 से लेकर 2024-25 तक यह राशि 300 रुपये रही। विधानसभा चुनाव से पहले 6 अगस्त 2025 को स्वास्थ्य विभाग ने संकल्प जारी कर इसे दोगुना करते हुए 600 रुपये प्रति प्रसव कर दिया।

ममता कार्यकर्ताओं की तीन प्रमुख जिम्मेदारियां

  • संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना: गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित करना और प्रसव के दौरान सहयोग प्रदान करना।
  • जच्चा-बच्चा की देखभाल: प्रसव के बाद 48 घंटे तक मां और नवजात की देखभाल, पोषण और स्वच्छता संबंधी जानकारी देना।
  • स्वास्थ्य जागरूकता फैलाना: ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षित प्रसव, स्तनपान और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना।

कई जिलों को मिली लाखों रुपये की राशि

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी राशि में कटिहार को 28.08 लाख रुपये, पूर्णिया को 25.31 लाख रुपये, सारण और समस्तीपुर को 25.04-25.04 लाख रुपये तथा भागलपुर को 25.04 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं अरवल, जहानाबाद और शेखपुरा जैसे जिलों को अपेक्षाकृत कम राशि मिली है।

इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों के लिए भी अलग से प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है, जिससे संस्थागत प्रसव सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि ममता कार्यकर्ताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि न केवल उनके मनोबल को बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में भी मदद करेगी। सरकार की यह पहल सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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