गरीब का सपना हुआ पूरा: रायपुर में पीएम आवास योजना ने दी पक्के घर की सौगात
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी ज्ञानु भगत को पक्का घर मिला। योजना से ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल रहा है।

रायपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेघर और कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी पक्का आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पक्के मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उन्हें मूलभूत सुविधाओं से युक्त सुरक्षित जीवन मिल सके।
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा योजना का लाभ
प्रदेश में Narendra Modi और मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी श्री ज्ञानु भगत को Pradhan Mantri Awas Yojana (Gramin) का लाभ मिला है।
कच्चे मकान से पक्के घर तक का सफर
- श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे कच्चे मकान में रहते थे।
- बरसात में छत से पानी टपकता था
- गर्मी में दीवारें तप जाती थीं
- जहरीले जीव-जंतुओं का हमेशा डर बना रहता था
- बार-बार मरम्मत से आर्थिक तंगी बढ़ जाती थी
- इन समस्याओं के बीच परिवार का जीवन बेहद कठिन हो गया था।
पक्का आवास बना सपनों का घर
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्के आवास की स्वीकृति मिलने के बाद श्री ज्ञानु भगत का जीवन बदल गया। शासन से प्राप्त सहायता राशि के साथ उन्होंने अपनी बचत जोड़कर अपने सपनों का घर बनाना शुरू किया। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि पक्का घर मिलने से न केवल सुरक्षा मिली है, बल्कि परिवार को सम्मानजनक जीवन भी प्राप्त हुआ है।
जरूरतमंद परिवारों को मिल रहा सुरक्षित और स्थायी आवास
श्री ज्ञानु भगत ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव ला रही है। जिले के अनेक परिवार इस योजना के माध्यम से सुरक्षित और पक्के आवास प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में लगातार सुधार हो रहा है।




