छत्तीसगढ़

जंगल सफारी पर ब्रेक! आज से बंद हुए CG के राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य, पर्यटकों की एंट्री पर रोक

छत्तीसगढ़ के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य मानसून के चलते 1 अक्टूबर तक बंद रहेंगे। वन विभाग ने पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगाई, 2 अक्टूबर से फिर खुलेंगे जंगल।

रायपुर. मानसून सीजन की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य सोमवार से पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं। वन विभाग के इस फैसले के तहत अब 1 अक्टूबर तक जंगल सफारी और पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। वन क्षेत्रों को 2 अक्टूबर से दोबारा पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।

1 अक्टूबर तक बंद रहेंगे सभी संरक्षित वन क्षेत्र

वन विभाग के निर्देशानुसार राज्य के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्यों में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मानसून के दौरान हर वर्ष यह व्यवस्था लागू की जाती है, ताकि वन्यजीवों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।

वन्यजीवों के प्रजननकाल को देखते हुए लिया गया फैसला

बारिश का मौसम अधिकांश वन्य प्राणियों के लिए प्रजनन और प्राकृतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान मानवीय हस्तक्षेप कम करने के उद्देश्य से पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है, जिससे वन्यजीवों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

पर्यटकों की सुरक्षा भी बड़ी वजह

मानसून में जंगलों के रास्ते फिसलन भरे और जोखिमपूर्ण हो जाते हैं। कई क्षेत्रों में जलभराव, नदियों-नालों का उफान और खराब मौसम जैसी परिस्थितियां बन जाती हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग हर साल अस्थायी रूप से सफारी और पर्यटन बंद करता है।

2 अक्टूबर से फिर शुरू होगा जंगल सफारी का रोमांच

वन विभाग के अनुसार, मौसम सामान्य होने और जंगलों की परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद 2 अक्टूबर से सभी संरक्षित वन क्षेत्रों को फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद पर्यटक एक बार फिर टाइगर सफारी और वन्यजीवों के दीदार का आनंद ले सकेंगे।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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