नागौद गोलीकांड में बाबा राजा का बड़ा बयान, बोले- सुनीता सिंह न पत्नी हैं, न प्रेमिका
सतना के चर्चित नागौद गोलीकांड में रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सुनीता सिंह उनकी न पत्नी हैं, न प्रेमिका, बल्कि बिजनेस पार्टनर और पेट्रोल पंप मैनेजर हैं।

सतना. सतना जिले के चर्चित नागौद गोलीकांड मामले में चार दिन बाद रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने घटना को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुनीता सिंह को उनकी दूसरी पत्नी या प्रेमिका बताना पूरी तरह गलत है।
बाबा राजा ने स्पष्ट किया कि सुनीता सिंह उनके पेट्रोल पंप में मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं और उनकी बिजनेस पार्टनर हैं। उनका कहना है कि दोनों के बीच किसी भी प्रकार का वैवाहिक या प्रेम संबंध नहीं है।
‘सुनीता सिर्फ वर्किंग पार्टनर हैं’
रूपेंद्र सिंह ने कहा कि घटना के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में सुनीता सिंह को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उनके अनुसार, “सुनीता सिंह न तो मेरी दूसरी पत्नी हैं और न ही मेरी प्रेमिका। वह केवल मेरी वर्किंग पार्टनर हैं और पेट्रोल पंप के संचालन में सहयोग करती हैं।”
आत्मरक्षा में हुई फायरिंग का दावा
बाबा राजा ने दावा किया कि 11 जून को परसमनिया गढ़ी में हुए विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी योगिता सिंह, साले और अन्य लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वे घायल हो गए। उनके मुताबिक दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुए विवाद के दौरान उनका चश्मा टूट गया और फोटो फ्रेम लगने से उन्हें चोट भी आई।
रूपेंद्र सिंह का कहना है कि हालात बिगड़ने और धमकियों के बीच सुनीता सिंह ने आत्मरक्षा में दीवार की ओर फायर किया था। उनका दावा है कि गोली दीवार से टकराने के बाद छिटककर योगिता सिंह को लगी। उन्होंने कहा कि किसी को नुकसान पहुंचाने या घायल करने की कोई मंशा नहीं थी।
सास के आरोपों को बताया निराधार
बाबा राजा ने अपनी सास द्वारा लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया। उनका कहना है कि घटना के समय उनकी सास मौके पर मौजूद नहीं थीं, इसलिए उनके आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
संपत्ति विवाद का भी लगाया आरोप
रूपेंद्र सिंह ने वैवाहिक विवाद को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वैवाहिक संबंधों को बनाए रखने के उद्देश्य से उन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत न्यायालय में मामला दायर किया था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष की नजर उनकी संपत्ति पर है, जिसके चलते विवाद लगातार बढ़ता गया।
जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी
नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में हुए इस चर्चित गोलीकांड की जांच फिलहाल जारी है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पुष्टि जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही हो सकेगी। फिलहाल, बाबा राजा के इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है।




