राजनीतिक

अम्फान राहत राशि में गड़बड़ी का दावा, भाजपा नेता ने अभिषेक बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल में अम्फान राहत फंड में 200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले को लेकर भाजपा नेता ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जानें पूरा मामला और राजनीतिक विवाद।

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर अम्फान चक्रवात राहत वितरण का मुद्दा राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। भाजपा नेता अभिजीत दास बॉबी ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Abhishek Banerjee पर 200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित राहत घोटाले का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में राहत राशि के वितरण में अनियमितताओं, डुप्लीकेट लाभार्थियों और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित और निराधार बताया है।

भाजपा नेता ने दर्ज कराई 17 पन्नों की शिकायत

भाजपा नेता अभिजीत दास बॉबी ने डायमंड हार्बर के बिष्णुपुर थाने में विस्तृत शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2020 में आए अम्फान चक्रवात के बाद राहत राशि वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। शिकायत में कहा गया है कि कई लाभार्थियों के नाम, मोबाइल नंबर और बैंक खातों में संदिग्ध समानताएं पाई गई हैं।

57 करोड़ रुपये के वितरण पर उठे सवाल

शिकायत के मुताबिक डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के बिष्णुपुर के दो ब्लॉकों में करीब 57 हजार लाभार्थियों के बीच 57.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। भाजपा नेता का दावा है कि दस्तावेजों की जांच में कई ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं जो राहत वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।

अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर क्यों उठे सवाल?

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहत पोर्टल के आधिकारिक दस्तावेजों में हजारों आवेदनों के “Recommended By” कॉलम में अभिषेक बनर्जी या उनके कार्यालय का नाम दर्ज है। भाजपा का दावा है कि इससे राहत वितरण प्रक्रिया में उनकी भूमिका और प्रभाव को लेकर सवाल उठते हैं। हालांकि अभी तक इन आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।

एक मोबाइल नंबर से कई लाभार्थियों को भुगतान का आरोप

भाजपा नेता ने शिकायत के साथ ऐसे दस्तावेज भी जमा करने का दावा किया है, जिनमें एक ही मोबाइल नंबर के जरिए कई लाभार्थियों को राहत राशि मिलने का उल्लेख है। आरोप है कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग 14 अलग-अलग लाभार्थियों के लिए किया गया और सभी को मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की श्रेणी में सहायता राशि दी गई। इसके अलावा कुछ अन्य मोबाइल नंबरों के माध्यम से भी कई लोगों को भुगतान किए जाने का दावा किया गया है।

2020 में आया था विनाशकारी अम्फान चक्रवात

Cyclone Amphan ने मई 2020 में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में दर्जनों लोगों की जान गई थी और हजारों मकान क्षतिग्रस्त हुए थे।

इसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए 6,250 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी, जबकि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से 3,077 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की थी।

SIT और ED जांच की मांग

भाजपा नेता ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने, राहत राशि का फॉरेंसिक ऑडिट कराने और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अन्य थानों में भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज कराई जाएंगी।

TMC ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि यह भाजपा की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है। पार्टी का कहना है कि आरोपों का कानूनी और तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा।

CID का एक और नोटिस भी चर्चा में

इसी बीच पश्चिम बंगाल CID ने कथित जाली हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए एक और नोटिस जारी किया है। हालांकि यह मामला अम्फान राहत फंड विवाद से अलग बताया जा रहा है, लेकिन दोनों घटनाओं के एक साथ सामने आने से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button