उत्तर प्रदेशराज्य

UP में बेरोजगारी भत्ता योजना का नया मसौदा तैयार, 125 दिन रोजगार और खाली समय में मिलेगी आर्थिक मदद

उत्तर प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी भत्ता और 125 दिन रोजगार गारंटी वाली नई वीबी जीरामजी योजना का मसौदा तैयार किया है। जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण रोजगार और मजदूरों की आय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार ने बेरोजगारी भत्ता और रोजगार गारंटी से जुड़ा एक नया मसौदा तैयार किया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत किसानों और ग्रामीण मजदूरों को खेती के कार्यों के बीच खाली रहने की अवधि में आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

सरकार केंद्र की विकसित भारत-जी राम जी (VB-GRAMJI) योजना को प्रदेश में लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग ने प्रारूप तैयार कर लिया है और जुलाई से इसे लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

मनरेगा की जगह लागू होगी नई व्यवस्था

नई योजना को मनरेगा के स्थान पर लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत वर्तमान में मनरेगा से जुड़े सभी मजदूरों को शामिल किया जाएगा, साथ ही नए पात्र श्रमिकों का भी पंजीकरण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और मजदूरों को सालभर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

125 दिन रोजगार की गारंटी

प्रस्तावित योजना की सबसे बड़ी विशेषता रोजगार की अवधि बढ़ाना है। जहां पहले प्रति ग्रामीण परिवार को 100 दिन रोजगार की गारंटी मिलती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 125 दिन किया जा रहा है।

बुवाई और कटाई जैसे कृषि कार्यों के व्यस्त मौसम के अलावा शेष समय में मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। खेती के कार्यों के बीच आने वाले ‘नो वर्क’ समय में पात्र श्रमिकों को आर्थिक सहायता या भत्ते का लाभ मिलने की व्यवस्था की जा रही है।

समय पर मिलेगा भुगतान

योजना के तहत मजदूरों को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से भुगतान किया जाएगा। निर्धारित मजदूरी का भुगतान प्रत्येक सप्ताह या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का मानना है कि डिजिटल भुगतान से पारदर्शिता बढ़ेगी और भुगतान में देरी की शिकायतें कम होंगी।

इन कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता

नई योजना में जल संरक्षण, भूजल स्तर सुधार, कृषि विकास और ग्रामीण आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा सड़क निर्माण, कनेक्टिविटी सुधार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

गड़बड़ियों पर रहेगी नजर

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सत्यापन व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। श्रमिकों से नियमित फीडबैक लेकर अनियमितताओं की पहचान की जाएगी और समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य रोजगार योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है ताकि लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच सके।

यूपी में कितने मजदूर हैं पंजीकृत?

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में मनरेगा के तहत करीब 2.43 करोड़ मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें 1.82 करोड़ जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

आंकड़ों के अनुसार 1.21 करोड़ सक्रिय मजदूर और 86.15 लाख सक्रिय जॉब कार्ड धारक इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। नई योजना लागू होने पर इन्हें सीधे लाभ मिलने की संभावना है।

कैबिनेट मंजूरी के बाद होगा अंतिम फैसला

फिलहाल योजना का मसौदा तैयार कर लिया गया है और इसे जल्द ही योगी कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश में ग्रामीण रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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