NCP की कमान अब सुनेत्रा के हाथ, महाराष्ट्र को मिली नई महिला डिप्टी CM
सुनेत्रा पवार सर्वसम्मति से एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गईं। जानें राष्ट्रीय अधिवेशन में हुए फैसले, दादा अजित पवार को दी श्रद्धांजलि, संगठन को मजबूत करने की रणनीति और पार्टी की आगे की चुनौतियां।

मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत सुनेत्रा पवार को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुन लिया गया। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे बिना किसी विरोध के मंजूरी मिल गई। इसे संगठनात्मक एकजुटता, नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव और पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में गुटबाजी और चुनावी उतार-चढ़ाव का सामना कर चुकी एनसीपी के लिए यह फैसला पुनर्गठन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर
अध्यक्ष चुने जाने के बाद अपने संबोधन में सुनेत्रा पवार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और पार्टी की विचारधारा को देशभर में प्रभावी तरीके से पहुंचाना होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीपी सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहेगी और आने वाले चुनावों में पूरी ताकत के साथ उतरेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी राज्यों में संगठन विस्तार, गठबंधन राजनीति और जनसंपर्क अभियानों पर विशेष फोकस कर सकती है।
राष्ट्रीय अधिवेशन में हुआ फैसला
सुनेत्रा पवार ने कहा कि उन्होंने यह पद “दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने और पार्टी को मजबूत बनाने” के लिए स्वीकार किया है। गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में हुए प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन हो गया था। हादसे के कारणों की जांच एएआईबी और सीआईडी कर रही है।
प्रफुल्ल पटेल ने रखा नाम, सुनील तटकरे ने किया अनुमोदन
राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका अनुमोदन सुनील तटकरे ने किया और इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
इसी अधिवेशन में अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया गया। इस मौके पर सुनेत्रा पवार ने कहा कि वह हमेशा कार्यकर्ताओं के साथ “बेटी, बहन और पार्टनर” की तरह खड़ी रहेंगी।
‘दादा की जगह कोई नहीं ले सकता’
भावुक संबोधन में उन्होंने कहा कि दादा की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन उनके विचार, विकास का विजन और तैयार किए गए कार्यकर्ता ही एनसीपी की असली ताकत हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि 30 जून 2023 को अजित पवार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी और करीब ढाई साल के कार्यकाल में पार्टी को मजबूत करने के लिए व्यापक संगठनात्मक काम किया।
आगे की सबसे बड़ी चुनौतियां
सुनेत्रा पवार के सामने अब पार्टी की खोई राजनीतिक जमीन वापस पाने, कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और विपक्षी दलों के साथ रणनीतिक तालमेल बनाने की चुनौती होगी।
उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना एनसीपी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें संगठनात्मक पुनर्संरचना, वैचारिक स्पष्टता और चुनावी मजबूती पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।




