सत्ता बदलते ही टकराव! यूनुस समर्थकों के निशाने पर नए प्रधानमंत्री
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ढाका. बांग्लादेश में आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान को पद संभाले अभी तीन दिन ही हुए हैं, लेकिन सियासी घमासान तेज हो गया है। अंतरिम सरकार में मुख्य सलाहकार रहे मोहम्मद यूनुस के समर्थकों ने उन पर आवामी लीग और भारत के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने खुलकर चेतावनी दी है कि यदि आवामी लीग को फिर से सक्रिय किया गया तो सड़कों पर आंदोलन होगा।
भारत से रिश्ते सुधारने की पहल पर बवाल
प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान ने भारत के साथ संबंध सामान्य करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में आवामी लीग के बंद पड़े दफ्तर दोबारा खुलने लगे हैं। यूनुस समर्थकों को यही बात सबसे ज्यादा खटक रही है और वे इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
नाहिद इस्लाम की चेतावनी
नाहिद इस्लाम ने आरोप लगाया कि चुनाव में भारत, आवामी लीग और बीएनपी के बीच अंदरूनी समझौता हुआ था। उन्होंने कहा कि आवामी लीग के कार्यालय दोबारा खुलना सरकार की मिलीभगत का संकेत है
- सरकार तुरंत सभी दफ्तर बंद करवाए
- ऐसा नहीं हुआ तो उनकी पार्टी खुद कार्रवाई करेगी
- उन्होंने शेख हसीना को “फासीवादी” बताते हुए कहा कि उन्हें दोबारा बांग्लादेश की राजनीति में पैर जमाने नहीं दिया जाएगा।
2024 के आंदोलन से बदला था सत्ता समीकरण
जुलाई 2024 में नेशनल सिटीजन पार्टी के नेतृत्व में शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू हुआ था। इसके बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और मोहम्मद यूनुस की अगुआई में अंतरिम सरकार बनी। इस दौरान
- भारत विरोधी एजेंडा तेज हुआ
- पाकिस्तान से करीबी बढ़ी
- अल्पसंख्यकों पर हमलों के मामले बढ़े
अब बदलते दिख रहे हालात
- तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद सियासी दिशा बदलती नजर आ रही है।
- भारत से रिश्ते सुधारने की पहल
- खेल मंत्री का बीसीसीआई से संबंध बेहतर करने का बयान
- कई जिलों में आवामी लीग के दफ्तर फिर से खुले
- गौरतलब है कि अंतरिम सरकार ने आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके कारण पार्टी चुनाव नहीं लड़ सकी।




