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खनिज संपदा के लिए सख्ती? गिलगित-बाल्टिस्तान में पाक सेना पर दमन के आरोप

पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान में सोना, तांबा और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर अंतरराष्ट्रीय दिलचस्पी बढ़ी। पाकिस्तान ने अमेरिकी और सेंट्रल एशियाई कंपनियों को निवेश का न्योता दिया। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने संसाधनों के दोहन और अधिकारों के मुद्दे उठाए।

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में सियासी हालात गंभीर होते जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार चीन के बाद अब पाकिस्तान अमेरिकी और सेंट्रल एशियाई कंपनियों को भी इस क्षेत्र में खनिज संसाधनों के दोहन के लिए आमंत्रित कर रहा है। कजाकिस्तान और इंडोनेशिया ने यहां की सोने और तांबे की खदानों में निवेश को लेकर रुचि दिखाई है।

रेयर अर्थ एलिमेंट्स के कारण बढ़ी रणनीतिक अहमियत

वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज (IGBS) के प्रमुख सेंगे सेरिंग के अनुसार यह क्षेत्र रेयर अर्थ सप्लाई चेन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। तंगिर और आसपास की घाटियां मोनाजाइट, नियोडिमियम, लैंथेनम, समैरियम, प्रेज़ोडायमियम, सेरियम, टाइटेनियम और थोरियम जैसे खनिजों के लिए जानी जाती हैं। चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से पाकिस्तान इस इलाके को एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच रेयर-अर्थ हब बनाने की कोशिश कर रहा है।

स्थानीय लोगों ने उठाए अधिकार और मुआवजे के सवाल

स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना बिना मुआवजा दिए प्राकृतिक संसाधनों का फायदा उठा रही है। गैर-कानूनी लैंड रिफॉर्म एक्ट लागू कर संसाधनों के इस्तेमाल का रास्ता बनाया गया है। रॉयल्टी की मांग पर यह कहकर इनकार कर दिया जाता है कि यह विवादित क्षेत्र है, इसलिए संवैधानिक रूप से मालिकाना हक तय नहीं किया जा सकता।

अस्थिरता की बड़ी वजह बना भू-राजनीतिक महत्व

रिपोर्ट के मुताबिक गिलगित-बाल्टिस्तान की स्ट्रैटेजिक लोकेशन और खनिज संपदा ही यहां अस्थिरता की मुख्य वजह है। यह इलाका वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए वैकल्पिक रेयर अर्थ सप्लाई चेन के रूप में देखा जा रहा है।

डायमर में आईईडी ब्लास्ट, सेना के अधिकारी समेत तीन घायल

गुरुवार को डायमर जिले की तंगिर घाटी में एक वाहन के पास आईईडी विस्फोट हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक आर्मी मेजर समेत तीन लोग घायल हो गए। पाकिस्तानी मीडिया ने इस घटना की पुष्टि की है।

आतंकी हमले को लेकर भी बड़े दावे

सेरिंग के अनुसार एक आतंकी सेल ने हमले से पहले बयान जारी कर पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा एजेंसियों पर निशाना साधने की बात कही। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि सेना स्थानीय स्तर पर ‘फूट डालो और राज करो’ की रणनीति अपनाती है और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देती है।

लोगों से एकजुट रहने की अपील

सेरिंग ने गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों से अपने राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए एकजुट रहने की अपील की है, ताकि क्षेत्र की पहचान और संसाधनों की सुरक्षा हो सके।

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