मध्य प्रदेश

पुरानी बुनियाद, नई क्षमता—कैपेसिटर बैंक इंस्टॉलेशन पर उठे सवाल

एमपी ट्रांसको ने आगर 132 केवी सब स्टेशन में तकनीकी नवाचार करते हुए पुराने फाउंडेशन पर 12 एमवीएआर क्षमता का नया कैपेसिटर बैंक स्थापित किया, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को स्थिर बिजली आपूर्ति मिल रही है।

भोपाल. ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने आगर स्थित 132 के.वी. सब स्टेशन में तकनीकी नवाचार करते हुए पुराने कैपेसिटर बैंक के फाउंडेशन पर ही अधिक क्षमता का नया कैपेसिटर बैंक सफलतापूर्वक स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत किया है।

इंडक्टिव लोड बढ़ने से उत्पन्न हुई थी समस्या

क्षेत्र में इंडक्टिव लोड में निरंतर वृद्धि के कारण पूर्व में स्थापित 5 एमवीएआर क्षमता का कैपेसिटर बैंक अपेक्षित लोड वहन करने में सक्षम नहीं रह गया था। इससे सब स्टेशन की वोल्टेज प्रोफाइल प्रभावित हो रही थी। सीमित उपलब्ध स्थान के कारण नए फाउंडेशन का निर्माण भी संभव नहीं था, जिससे समस्या और जटिल हो गई थी।

तकनीकी नवाचार से निकला प्रभावी समाधान

वोल्टेज प्रबंधन की चुनौती का समाधान करते हुए एमपी ट्रांसको के सहायक अभियंता श्री योगेश राठौर ने तत्कालीन कार्यपालन अभियंता श्री शेखर फटाले के मार्गदर्शन में पुराने फाउंडेशन का ही उपयोग कर आवश्यक तकनीकी संशोधन किए। इसी फाउंडेशन पर 12 एमवीएआर क्षमता का नया कैपेसिटर बैंक स्थापित किया गया। इस नवाचार से न केवल समय और लागत की बचत हुई, बल्कि क्षमता संवर्धन के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता भी नहीं पड़ी।

हजारों उपभोक्ताओं को मिल रही बेहतर बिजली आपूर्ति

कैपेसिटर बैंक की क्षमता बढ़ने से आगर 132 के.वी. सब स्टेशन से जुड़े 33 के.वी. के 9 फीडरों के अंतर्गत आने वाले हजारों उपभोक्ताओं को अब अधिक स्थिर, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति मिल रही है। लाभान्वित क्षेत्रों में मोया खेड़ा, कानड़, नलखेड़ा, निपानिया बैजनाथ, मडकोटा, थानोदला, आगर, झरड़ा और आगर टाउन शामिल हैं।

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