मध्य प्रदेश

सेना की ताकत का नज़ारा: बाज-डॉग्स की मौजूदगी, कैप्टन हर्षिता की कमान

भोपाल में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पहली बार बाज और आर्मी डॉग्स कदमताल करेंगे। RVC कंटिंजेंट का नेतृत्व कैप्टन हर्षिता राघव करेंगी।

भोपाल. मध्य प्रदेश के राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष एक अनोखा और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिलेगा। कर्तव्य पथ पर जांस्कर पोनी, बैक्ट्रियन ऊंट, रैप्टर्स (बाज) और आर्मी डॉग्स एक संगठित टुकड़ी के रूप में कदमताल करते नजर आएंगे। इस विशेष कंटिंजेंट की कमान भोपाल की कैप्टन हर्षिता राघव के हाथों में होगी, जो इस वर्ष रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर (RVC) कंटिंजेंट की कमांडर हैं।

लाल परेड ग्राउंड में होगा मुख्य समारोह

मध्य प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होगा, जहां मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस वर्ष समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि बाज और आर्मी डॉग्स परेड में कदमताल करते दिखाई देंगे।

दुर्गम क्षेत्रों में सेना की ताकत है RVC

रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर भारतीय सेना की वह विशिष्ट शाखा है, जो सेना में उपयोग होने वाले जानवरों के प्रशिक्षण, स्वास्थ्य देखभाल और ऑपरेशनल तैयारियों की जिम्मेदारी संभालती है। यह कोर ऊंचे पहाड़ों, रेगिस्तानी इलाकों और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की क्षमताओं को मजबूती प्रदान करती है। इस कोर में महिला अधिकारी का नेतृत्व अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

‘साइलेंट वॉरियर्स’ हैं सेना के जानवर

कैप्टन हर्षिता राघव ने बताया कि वे अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी की अधिकारी हैं और उनके पिता वायुसेना में सेवा दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बार RVC कंटिंजेंट को विशेष रूप से क्यूरेट किया गया है। उनके शब्दों में, “ये जानवर भी भारतीय सेना के सिपाही हैं। ये हमारे साइलेंट वॉरियर्स हैं, जो रसद ढोने, गश्त, निगरानी और खोज-बचाव अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं।”

महिला नेतृत्व पर गर्व

इस अवसर पर स्टेट आर्म्ड फोर्स (SAF) के कमांडेंट हितेश चौधरी ने कहा कि पहली बार एक महिला कैप्टन द्वारा बाज और आर्मी डॉग्स का नेतृत्व किया जाना देश और मध्य प्रदेश—दोनों के लिए गर्व की बात है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को साबित कर सकेंगी।

सेना के जानवर पहले भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा रहे हैं, लेकिन इस बार उन्हें एक संगठित और विशेष रूप से तैयार किए गए कंटिंजेंट के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो समारोह को और भी यादगार बनाएगा।

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