G7 में ट्रंप की दो टूक! ‘ईरान डील फाइनल नहीं हुई, बात बिगड़ी तो फिर बरसेंगे बम’
G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि डील अभी फाइनल नहीं है और जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है।

वाशिंगटन. ईरान के साथ जारी कूटनीतिक बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि प्रस्तावित समझौता अमेरिका की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प फिर से सक्रिय हो सकता है। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने यह टिप्पणी की। ट्रंप के बयान को ईरान के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने बातचीत और दबाव की दोहरी रणनीति को दोहराया।
‘डील मजबूत है, लेकिन अभी अंतिम नहीं’
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत के बाद एक “बेहद मजबूत” समझौते का मसौदा तैयार किया गया है, लेकिन इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी कोई भी निश्चित रूप से नहीं जानता कि अंतिम समझौता कैसा होगा। उनके अनुसार, अधिकांश लोग इस संभावित समझौते से संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय अमेरिका के हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
समझौता विफल हुआ तो सैन्य कार्रवाई संभव
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें अंतिम समझौते की शर्तें स्वीकार्य नहीं लगीं तो अमेरिका फिर से सैन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है, क्योंकि यह दर्शाता है कि अमेरिका कूटनीति के साथ-साथ दबाव की नीति भी जारी रखना चाहता है।
300 बिलियन डॉलर निवेश की खबरों को बताया झूठ
राष्ट्रपति ट्रंप ने उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिका, ईरान के साथ समझौते के हिस्से के रूप में 300 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी रिपोर्टें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। अमेरिका की ओर से किसी भी प्रकार के बड़े निवेश की योजना नहीं बनाई गई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी जताई चिंता
ट्रंप ने कहा कि यदि समझौते की प्रक्रिया विफल होती है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। उनके मुताबिक कुछ लोग दुनिया में आर्थिक मंदी देखना चाहते हैं, लेकिन ऐसे लोग वैश्विक स्थिरता और आर्थिक संतुलन के महत्व को नहीं समझते। उन्होंने कहा कि मजबूत और स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था सभी देशों के हित में है।
G7 में ईरान को मिला स्पष्ट संदेश
जी7 सम्मेलन के दौरान दिए गए इस बयान से साफ हो गया है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत के दरवाजे खुले रखना चाहता है, लेकिन साथ ही अपने रणनीतिक हितों पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ हुई बैठक ने यह भी संकेत दिया कि वॉशिंगटन की ईरान नीति फिलहाल कूटनीति और दबाव के संतुलित मॉडल पर आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में अंतिम समझौते की दिशा तय करेगी कि दोनों देशों के संबंध किस ओर बढ़ते हैं।




