सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज: 491 करोड़ के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी। उज्जैन और ओंकारेश्वर में सड़क, घाट, पार्किंग, अस्पताल और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।

भोपाल. सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन की तैयारियों को गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-मंडलीय समिति की बैठक में 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में उज्जैन और आसपास के सात जिलों में चल रहे 16,910 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 148 विकास कार्यों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात, जल उपलब्धता और आपदा प्रबंधन के लिए समयबद्ध कार्यों पर विशेष जोर दिया।
सिंहस्थ 2028 के लिए 17 नई परियोजनाओं को मंजूरी
मंत्रि-मंडलीय समिति ने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए 491.66 करोड़ रुपये की लागत से 17 नई विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य उज्जैन और ओंकारेश्वर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना और करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उज्जैन में सड़क, पुल और बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार
बैठक में उज्जैन के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा मार्ग तक 30 करोड़ रुपये की लागत से पुल और एप्रोच रोड।
- तपोभूमि-पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर कान्ह नदी पर 12 करोड़ रुपये का नया समानांतर पुल।
- तपोभूमि से गंगेडी तक 30 करोड़ रुपये की लागत से 5.5 किलोमीटर लंबी दो लेन सड़क।
- देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक 18 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन पंचक्रोशी मार्ग।
- देवास रोड पर विश्राम गृह और सर्किट हाउस के विस्तार व नवीनीकरण कार्य।
- कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक 36.75 करोड़ रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण।
ओंकारेश्वर में मंदिर परिसर से लेकर मल्टीलेवल पार्किंग तक विकास
ओंकारेश्वर क्षेत्र के लिए भी कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें—
- 160 करोड़ रुपये की लागत से ओंकारेश्वर मंदिर परिसर विकास कार्य।
- 24.99 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और एडमिन ब्लॉक।
- 9.23 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे आरओबी निर्माण।
- अस्पताल, स्टाफ क्वार्टर और अस्पताल भवन उन्नयन कार्य।
- कुबेर भंडारी क्षेत्र में 38 करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला पार्किंग सुविधा।
ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के लिए बनेगा अलग प्राधिकरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ी घाट क्षेत्र के विकास कार्यों के बेहतर समन्वय के लिए पृथक प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिए। इससे खंडवा और खरगोन जिलों में चल रही परियोजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
घाटों का निर्माण और प्रबंधन होगा सुदृढ़
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिप्रा नदी के घाटों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। घाटों के साथ पार्किंग और पहुंच मार्गों का विकास भी समानांतर रूप से किया जाए। उन्होंने आश्रमों और गुरुकुलों को घाट प्रबंधन से जोड़ने की बात कही ताकि सिंहस्थ के बाद भी इन सुविधाओं का प्रभावी उपयोग हो सके।
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस
सिंहस्थ 2028 के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और आपदा नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन और नगर निगम को संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण अभी से शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही युवाओं को आपदा प्रबंधन और दुर्घटना राहत का प्रशिक्षण देने की योजना पर भी बल दिया।
उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
बैठक में पंचक्रोशी मार्ग सहित पूरे उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। मुख्यमंत्री ने सघन वृक्षारोपण और हरित विकास को सिंहस्थ तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
निजी भागीदारी से बढ़ेंगी श्रद्धालुओं की सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने उज्जैन, इंदौर, देवास, खंडवा, आगर-मालवा, मंदसौर और खरगोन जैसे क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, आवास और जनसुविधा केंद्र विकसित करने हेतु निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
होटल और आवास सुविधाओं का होगा विस्तार
सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में होटल निर्माण से जुड़े बिल्डिंग परमिशन आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही होटल, लॉज, धर्मशाला और होम-स्टे की उपलब्ध क्षमता का डेटा तैयार करने को कहा गया।




