राजस्थान में प्री-मानसून का असर, 40°C से नीचे पहुंचा पारा; लोगों को गर्मी से राहत
राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे पहुंच गया है, जबकि मौसम विभाग ने आगामी दिनों में बारिश और आंधी की संभावना जताई है।

जयपुर. राजस्थान में सक्रिय प्री-मानसून गतिविधियों का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बादलों की आवाजाही, तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण मौसम का मिजाज बदल गया है और जून के मध्य में भी कई शहरों में पारा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
कई प्रमुख शहरों में 40 डिग्री से नीचे रहा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 38.8 डिग्री, बीकानेर में 38.2 डिग्री और श्रीगंगानगर में 38.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तापमान जून महीने के सामान्य स्तर की तुलना में कम है, जो प्री-मानसून गतिविधियों के प्रभाव को दर्शाता है।
दौसा रहा प्रदेश का सबसे गर्म शहर
हालांकि प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा, लेकिन दौसा बुधवार को राजस्थान का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। इसके बावजूद यहां का तापमान सामान्य गर्मी के मुकाबले कम रहा, जिससे लोगों को राहत महसूस हुई।
प्री-मानसून गतिविधियों से बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट आई है। यही वजह है कि गर्मी का असर पहले की तुलना में काफी कम नजर आ रहा है।
अगले कुछ दिनों में बारिश और आंधी के आसार
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राजस्थान के कई जिलों में आंधी, बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। यदि यह गतिविधियां जारी रहती हैं तो तापमान में और कमी आ सकती है और लोगों को गर्मी से अतिरिक्त राहत मिल सकती है।
किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है मौसम
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून की बारिश खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। इससे मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे किसानों को बुवाई की तैयारी करने में मदद मिलेगी और कृषि गतिविधियों को गति मिलेगी।
मानसून के इंतजार में राजस्थान
फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है। लोग गर्मी से राहत का आनंद ले रहे हैं और अब दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन का इंतजार कर रहे हैं, जिससे राजस्थान में बारिश का दौर और तेज हो सकता है।




