किसानों के लिए बड़ी सौगात: मंडी यार्ड, सड़क निर्माण और मरम्मत पर खर्च होंगे 18.86 करोड़ रुपए
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कृषि मंडियों के विकास के लिए 18.86 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी है। इससे मंडी यार्ड, संपर्क सड़क निर्माण और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

जयपुर. राजस्थान सरकार ने किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की विभिन्न कृषि उपज मंडी समितियों में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 18 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत वाले विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की है। इस स्वीकृति के तहत मंडी यार्ड निर्माण, संपर्क सड़कों का निर्माण और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे।
कई जिलों की मंडियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद पाली जिले की सोजत सिटी, सीकर की पलसाना और श्रीमाधोपुर, बीकानेर की अनाज मंडी, नागौर की मेड़ता सिटी तथा जयपुर जिले के दूदू स्थित कृषि उपज मंडी समितियों में विभिन्न विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से मंडियों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और कृषि विपणन व्यवस्था को नई गति मिलेगी।
किसानों के लिए आसान होगी उपज की ढुलाई
योजना के तहत मंडियों से जुड़ी संपर्क सड़कों का निर्माण और मरम्मत कराई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी। बेहतर सड़क संपर्क से परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आएगी।
बढ़ेगी फसलों की आवक और मंडी राजस्व
सरकार के अनुसार संपर्क मार्गों के सुदृढ़ होने से मंडियों में फसलों की आवक बढ़ेगी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। इससे मंडी समितियों के राजस्व में इजाफा होने की संभावना है।
कृषि विपणन को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि उपज मंडियों को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाना है ताकि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। नए विकास कार्यों के पूरा होने के बाद मंडियों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।




