छिंदवाड़ा की बेटी प्रिया मालवीय बनीं फ्लाइंग ऑफिसर, AFCAT 2025 में हासिल की ऑल इंडिया 113वीं रैंक
छिंदवाड़ा की बेटी प्रिया मालवीय भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनीं। AFCAT 2025 में ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल कर जिले की पहली फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव प्राप्त किया।
छिंदवाड़ा. मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की बेटी प्रिया मालवीय ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। AFCAT 2025 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल की और अंतिम मेरिट सूची में जगह बनाई। एक साधारण पुलिस परिवार से निकलकर भारतीय वायुसेना तक पहुंचने वाली प्रिया की कहानी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की मिसाल बन गई है। खास बात यह है कि वह छिंदवाड़ा जिले की पहली बेटी हैं, जिन्हें फ्लाइंग ऑफिसर बनने का सम्मान मिला है।
पुलिस परिवार से भारतीय वायुसेना तक का सफर
प्रिया मालवीय छिंदवाड़ा की रहने वाली हैं। उनके पिता रवि मालवीय कोतवाली में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। बचपन से पिता को वर्दी में देखकर उनके मन में भी देश सेवा का सपना जागा। इसी प्रेरणा ने उन्हें भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया।
AFCAT 2025 में शानदार सफलता
प्रिया ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) 2025 में ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। लिखित परीक्षा के बाद उन्होंने एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट भी सफलतापूर्वक पास किए। इसके बाद अंतिम चयन सूची में उनका नाम फ्लाइंग ऑफिसर पद के लिए चयनित हुआ।
ऑनलाइन तैयारी से हासिल किया मुकाम
प्रिया ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग और डिजिटल स्टडी मटेरियल का सहारा लिया। सही रणनीति, नियमित अध्ययन और अनुशासन ने उन्हें सफलता दिलाई। उनका मानना है कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर मेहनत और स्पष्ट दिशा बेहद जरूरी होती है।
इंजीनियरिंग के बाद चुना वायुसेना का रास्ता
प्रिया ने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री प्राप्त की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में पूरी लगन से तैयारी शुरू कर दी।
बेटियों के लिए दिया प्रेरणादायक संदेश
अपनी सफलता पर प्रिया ने कहा कि यह उनके लिए गर्व के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी का विषय भी है। उन्होंने कहा कि बेटियों को अपने सपनों को चुनने और उन्हें पूरा करने का पूरा अधिकार है। यदि अवसर और आत्मविश्वास मिले तो बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।
पिता बोले- बेटी ने जीवन सार्थक कर दिया
प्रिया के पिता रवि मालवीय ने बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। उन्होंने बताया कि प्रिया शुरू से ही पढ़ाई के प्रति समर्पित रही हैं और उनकी मेहनत का परिणाम आज पूरे परिवार के सामने है। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “बेटी ने मेरा जीवन सार्थक कर दिया।”
छिंदवाड़ा की पहली फ्लाइंग ऑफिसर बनीं प्रिया
प्रिया मालवीय को छिंदवाड़ा जिले की पहली फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। उनकी उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी का माहौल है और युवा वर्ग, विशेषकर बेटियां, उन्हें प्रेरणा के रूप में देख रही हैं।
अब हैदराबाद में लेंगी ट्रेनिंग
भारतीय वायुसेना में चयन के बाद अब प्रिया हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। यह उनके करियर का अहम चरण होगा, जहां उन्हें वायुसेना की जिम्मेदारियों और नेतृत्व कौशल के लिए तैयार किया जाएगा।
मेहनत और हौसले की मिसाल बनीं प्रिया
प्रिया मालवीय की सफलता यह साबित करती है कि बड़े सपने पूरे करने के लिए बड़े शहरों में होना जरूरी नहीं है। दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही दिशा के साथ छोटे शहरों की बेटियां भी देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं तक पहुंच सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि पूरे मध्यप्रदेश की युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।




