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LPG सिलेंडर 942 रुपये हुआ, फिर भी पड़ोसी देशों से सस्ता! जानिए पाकिस्तान-नेपाल में कितने हैं दाम

LPG सिलेंडर की कीमत 29 रुपये बढ़कर 942 रुपये हो गई है। जानिए पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका समेत अन्य देशों में गैस सिलेंडर के दाम और सरकार ने कीमत बढ़ाने की क्या वजह बताई।

नई दिल्ली. घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। 14.2 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर के दाम 29 रुपये बढ़कर 942 रुपये हो गए हैं। हालांकि कीमत बढ़ने के बाद भी सरकार का दावा है कि भारत में एलपीजी सिलेंडर पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका समेत कई देशों की तुलना में अब भी सस्ता है।

तीन महीने में दूसरी बार बढ़े एलपीजी के दाम

देशभर में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर दूसरी बार महंगाई का झटका लगा है। इससे पहले 7 मार्च को एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। अब 7 जून को फिर 29 रुपये बढ़ाए जाने के बाद बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी वाला सिलेंडर 642 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरकार ने बढ़ोतरी को क्यों बताया जरूरी?

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज उछाल आया है। खासतौर पर पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई प्रभावित होने के कारण गैस की लागत बढ़ी है। मंत्रालय का कहना है कि बढ़ी हुई लागत का केवल एक हिस्सा ही उपभोक्ताओं पर डाला गया है।

पड़ोसी देशों की तुलना में भारत अब भी सस्ता

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमत पड़ोसी देशों और कई विकसित देशों की तुलना में कम बनी हुई है।

देश 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमत
भारत (उज्ज्वला लाभार्थी) ₹642
भारत (बिना सब्सिडी) ₹942
पाकिस्तान ₹1,046
नेपाल ₹1,207
बांग्लादेश ₹1,225
श्रीलंका ₹1,241
अमेरिका ₹1,755
ऑस्ट्रेलिया ₹1,765
कनाडा ₹2,411

हर सिलेंडर पर सरकार को हो रहा भारी नुकसान

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। ऐसे में 942 रुपये में सिलेंडर बेचने पर प्रति सिलेंडर लगभग 700 रुपये की अंडर-रिकवरी (नुकसान) हो रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 46% तक बढ़ी कीमत

सरकार के अनुसार फरवरी से जून 2026 के बीच एलपीजी के लिए सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) बेंचमार्क में करीब 46 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित होने और वैश्विक मांग बढ़ने के कारण लागत में यह उछाल देखने को मिला है।

60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा अंडर-रिकवरी का बोझ

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंडर-रिकवरी और सब्सिडी अलग-अलग चीजें हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू एलपीजी पर अंडर-रिकवरी का बोझ पिछले वित्त वर्ष में करीब 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि इससे एक वर्ष पहले यह 41,338 करोड़ रुपये था।

Republic News

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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