LPG सिलेंडर की असली कीमत 1600 रुपये के पार! हर सिलेंडर पर 700 रुपये का बोझ उठा रही सरकार
घरेलू LPG सिलेंडर की वास्तविक लागत 1600 रुपये के पार पहुंच गई है। हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये की अंडर-रिकवरी हो रही है, जबकि भारत में अब भी गैस की कीमतें दुनिया के कई देशों से कम हैं।

नई दिल्ली. घरेलू रसोई गैस (LPG) की बढ़ती लागत ने सरकार और तेल विपणन कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत अब 1,600 रुपये से अधिक पहुंच गई है, जबकि उपभोक्ताओं को यह काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। नतीजतन हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये की अंडर-रिकवरी हो रही है, जिसका बोझ सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां वहन कर रही हैं।
1600 रुपये के पार पहुंची एलपीजी की सप्लाई लागत
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज उछाल के कारण घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति लागत बढ़ गई है। वर्तमान में 14.2 किलोग्राम के एक सिलेंडर की लागत 1,600 रुपये से अधिक हो चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं को यह काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
होर्मुज संकट से बढ़ी वैश्विक कीमतें
मंत्रालय के मुताबिक फरवरी में सऊदी अरामको की एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस 542.50 डॉलर प्रति टन थी, जो अप्रैल में बढ़कर 775 डॉलर और जून में 790 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई। होर्मुज स्ट्रेट में निर्यात बाधाओं और भू-राजनीतिक तनावों के कारण प्रोपेन और ब्यूटेन की कीमतों में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई।
हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये की अंडर-रिकवरी
दिल्ली में सामान्य उपभोक्ता वर्तमान में एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर के लिए 942 रुपये का भुगतान करता है। जबकि इसकी वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक है। यानी प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का अंतर सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां वहन कर रही हैं।
उज्ज्वला लाभार्थियों को मिल रही अतिरिक्त राहत
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में दी जाती है। ऐसे में उन्हें प्रभावी रूप से केवल 642 रुपये चुकाने पड़ते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत कम है।
29 रुपये और महंगा हुआ घरेलू गैस सिलेंडर
वेस्ट एशिया में जारी संकट और बढ़ती लागत के बीच घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक घरेलू एलपीजी पर कुल अंडर-रिकवरी 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 41,338 करोड़ रुपये थी।
तेल कंपनियों को मिलेगा 30 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा
बढ़ती अंडर-रिकवरी को देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने तेल विपणन कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि उज्ज्वला योजना की सब्सिडी इस राशि से अलग है और इसका लाभ 10 करोड़ से अधिक परिवारों को मिल रहा है।
भारत में अब भी सबसे सस्ता एलपीजी
कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत में घरेलू एलपीजी कई देशों की तुलना में सस्ती बनी हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार:
| देश | सिलेंडर कीमत (रुपये) |
|---|---|
| भारत | 942 |
| पाकिस्तान | 1,046 |
| नेपाल | 1,207 |
| बांग्लादेश | 1,225 |
| श्रीलंका | 1,241 |
| अमेरिका | 1,755 |
| ऑस्ट्रेलिया | 1,765 |
| कनाडा | 2,411 |
सप्लाई बनाए रखने के लिए उठाए गए कदम
सरकार ने एलपीजी सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे नए स्रोतों से आयात बढ़ाया है। साथ ही घरेलू उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। सब्सिडी वाले सिलेंडरों की अवैध बिक्री रोकने के लिए OTP आधारित डिलीवरी सत्यापन और अन्य निगरानी उपायों को भी मजबूत किया गया है।




