गोल्ड-सिल्वर में बड़ी गिरावट, चांदी 2.50 लाख के नीचे फिसली; निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोना 3,422 रुपये और चांदी 13,790 रुपये सस्ती हुई। जानिए ताजा रेट, गिरावट की वजह और क्या अभी खरीदारी का सही समय है।
नई दिल्ली. सर्राफा बाजार में सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई है। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी टूट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना 3,422 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया, जबकि चांदी 13,790 रुपये प्रति किलो लुढ़ककर 2.50 लाख रुपये के स्तर से नीचे पहुंच गई है। ऐसे में बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह खरीदारी का सुनहरा मौका है?
सोने की कीमत में 3,422 रुपये की बड़ी गिरावट
इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने का भाव सोमवार सुबह 1,50,768 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को यह 1,54,190 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी एक कारोबारी सत्र में ही सोना 3,422 रुपये सस्ता हो गया।
अलग-अलग कैरेट के सोने का ताजा भाव
- 24 कैरेट गोल्ड: ₹1,50,768 प्रति 10 ग्राम
- 23 कैरेट गोल्ड: ₹1,50,164 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट गोल्ड: ₹1,38,130 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट गोल्ड: ₹1,13,076 प्रति 10 ग्राम
- 14 कैरेट गोल्ड: ₹88,199 प्रति 10 ग्राम
चांदी में भी बड़ी टूट, 2.50 लाख से नीचे पहुंचा भाव
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को एक किलोग्राम चांदी का भाव घटकर 2,41,160 रुपये रह गया। शुक्रवार को यह 2,54,950 रुपये प्रति किलोग्राम था। यानी चांदी में 13,790 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है।
एक हफ्ते में 25 हजार रुपये तक टूटी चांदी
2 जून को चांदी का भाव 2,66,200 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर 2,41,160 रुपये रह गया है। इस तरह कुछ ही दिनों में चांदी करीब 25,040 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। वहीं सोना भी 2 जून के मुकाबले 5,528 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट चुका है।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर बुलियन मार्केट पर दिखाई दे रहा है। वहीं घरेलू बाजार में शादी-विवाह का सीजन समाप्त होने के बाद मांग में कमी आई है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बढ़ रही चर्चाओं का भी कीमती धातुओं पर असर देखा जा रहा है। जब निवेशक अन्य परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं तो सोने और चांदी की मांग कमजोर पड़ सकती है।
क्या यह खरीदारी का सही मौका है?
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में गिरावट अवसर बन सकती है। हालांकि निवेश या खरीदारी का फैसला करने से पहले बाजार के रुझान, व्यक्तिगत जरूरत और वित्तीय सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है। कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है।




