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यमुना O-Zone में बुलडोजर एक्शन तेज, DDA ने अवैध कॉलोनियों पर शुरू की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली में यमुना O-Zone क्षेत्र में DDA ने अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई तेज कर दी है। जानिए O-Zone क्या है और किन इलाकों पर इसका असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली. यमुना नदी के खादर क्षेत्र में बसी अनधिकृत कॉलोनियों और अवैध निर्माणों पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। दिल्ली हाई कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यमुना के संरक्षित O-Zone क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस कार्रवाई से यमुना किनारे बसे हजारों लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

क्या है यमुना का O-Zone?

दिल्ली मास्टर प्लान-2021 के तहत यमुना नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को O-Zone घोषित किया गया है। यह इलाका वजीराबाद से ओखला तक लगभग 22 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है और करीब 9,700 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है। इस क्षेत्र का मुख्य उद्देश्य:

  • बाढ़ नियंत्रण
  • पर्यावरण संरक्षण
  • जैव विविधता की सुरक्षा
  • यमुना नदी को प्रदूषण से बचाना

नियमों के अनुसार O-Zone में स्थायी आवासीय निर्माण और कॉलोनियों के विकास की अनुमति नहीं है।

क्यों शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन?

DDA के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में यमुना के फ्लडप्लेन क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध बस्तियां और कॉलोनियां विकसित हो गई हैं। इन इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण सीवर और गंदा पानी सीधे यमुना में गिरता है, जिससे नदी प्रदूषित होती है और बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाता है।

दिल्ली हाई कोर्ट और NGT ने यमुना फ्लडप्लेन को अतिक्रमण मुक्त करने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। इसी के तहत DDA ने कार्रवाई तेज की है।

किन इलाकों पर पड़ सकता है असर?

DDA के रिकॉर्ड के अनुसार यमुना फ्लडप्लेन क्षेत्र में 90 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियां मौजूद हैं। इनमें से कई इलाके O-Zone की सीमा में आते हैं। प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • मदनपुर खादर
  • जैतपुर
  • मीठापुर
  • झंगोला
  • सोनिया विहार के कुछ हिस्से
  • खजूरी खास
  • करावल नगर के कुछ हिस्से
  • जगतपुर
  • बुराड़ी के यमुना किनारे वाले क्षेत्र
  • उस्मानपुर
  • गढ़ी मांडू
  • शेरपुर
  • बेहटा हाजीपुर
  • ताजपुर खुर्द
  • छिल्ला गांव क्षेत्र
  • कोंडली के कुछ हिस्से
  • मयूर विहार के यमुना किनारे स्थित इलाके
  • ओखला बैराज के आसपास का क्षेत्र
  • आईटीओ बैराज के आसपास का फ्लडप्लेन क्षेत्र

सभी इलाके O-Zone में नहीं आते

विशेषज्ञों के अनुसार सूचीबद्ध कॉलोनियों का पूरा क्षेत्र O-Zone में शामिल नहीं है। इनमें से केवल यमुना नदी के करीब स्थित हिस्से ही फ्लडप्लेन और संरक्षित क्षेत्र की सीमा में आते हैं। ऐसे में कार्रवाई भी मुख्य रूप से उन्हीं हिस्सों पर केंद्रित हो सकती है जो नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण बनाम पुनर्वास की चुनौती

यमुना फ्लडप्लेन को अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद को पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी माना जा रहा है। हालांकि, दूसरी ओर वर्षों से इन क्षेत्रों में रह रहे लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था का मुद्दा भी बड़ा सवाल बना हुआ है। आने वाले दिनों में DDA की कार्रवाई और अदालतों के निर्देश इस मामले की दिशा तय करेंगे।

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इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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