भक्ति में डूबे CM भजनलाल शर्मा: पत्नी के साथ 7 घंटे में पूरी की गिरिराज महाराज की परिक्रमा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पत्नी गीता शर्मा के साथ गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा पूरी की। राधाकुंड में दीपदान किया, श्रद्धालुओं से मुलाकात की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार रात पत्नी गीता शर्मा के साथ गिरिराज महाराज की पवित्र सप्तकोसीय परिक्रमा पूर्ण की। मुख्यमंत्री दंपति ने पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर से सात दंडवत कर परिक्रमा की शुरुआत की और करीब सात घंटे में पूरी परिक्रमा संपन्न की। इस दौरान परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और जगह-जगह मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।
श्रीनाथजी मंदिर से शुरू हुई आस्था की यात्रा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी पत्नी ने पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिक्रमा का शुभारंभ किया। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु ‘राधे-राधे’ के जयकारों के साथ मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन में इस यात्रा की तस्वीरें भी कैद कीं।
दानघाटी मंदिर में दर्शन, राधाकुंड में किया दीपदान
सप्तकोसीय परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री ने दानघाटी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद राधाकुंड पहुंचकर दीपदान किया और ब्रज की धार्मिक परंपराओं का पालन किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय चाय की एक थड़ी पर रुककर चाय का आनंद भी लिया, जिसकी चर्चा श्रद्धालुओं के बीच रही।
श्रद्धालुओं से मिले, जाना हालचाल
परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री ने दंडवत परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की। उन्होंने रुककर लोगों का हालचाल जाना, अभिवादन स्वीकार किया और उनकी भावनाओं को सम्मान दिया। यात्रा के दौरान उनके आगे भजन-कीर्तन करती मंडली चल रही थी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। उत्तर प्रदेश के मथुरा और राजस्थान के डीग जिले के लगभग 200 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। परिक्रमा के समापन पर मुख्यमंत्री ने फिर से श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन किए।
प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना
परिक्रमा पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गिरिराज महाराज की कृपा से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई। उन्होंने ब्रज की आस्था, संस्कृति और परंपराओं को नमन करते हुए देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।




