बिहारराज्य

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन पर खरीद-बिक्री की रोक हटी, ITMS पर खर्च होंगे ₹622 करोड़

बिहार कैबिनेट ने पटना समेत 11 शहरों की सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चिन्हित जमीन पर लगी खरीद-बिक्री की रोक हटा दी है। साथ ही राज्य में 500 स्थानों पर ITMS लागू करने की मंजूरी भी दी गई है।

पटना। बिहार सरकार ने सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं से जुड़े भू-स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए पटना समेत 11 शहरों के आसपास चिन्हित जमीनों पर लगी खरीद-बिक्री की रोक हटा दी है। राज्य मंत्रिमंडल ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन के लेन-देन की अनुमति देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

भू-स्वामियों को मिलेगी जमीन बेचने की सुविधा

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि जिन लोगों की जमीन सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के दायरे में आती है, वे अब अपनी जमीन बिहार राज्य आवास बोर्ड को बेच सकेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जमीन की बिक्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अधिसूचित बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026 के तहत की जाएगी।

निवेश परियोजनाओं को भी मिलेगा लाभ

कैबिनेट के फैसले के अनुसार राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद द्वारा अनुमोदित निवेश परियोजनाओं के लिए भी जमीन की खरीद-बिक्री की अनुमति दी जाएगी। इससे निवेशकों को परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में आसानी होगी।

सरकार का मानना है कि इस फैसले से भू-स्वामियों की तत्काल वित्तीय जरूरतें पूरी होंगी, वहीं आवास बोर्ड और अन्य सरकारी एजेंसियों को विकास परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी।

बिहार में 500 स्थानों पर लागू होगा ITMS

कैबिनेट ने राज्य में ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पहले चरण में 200 और दूसरे चरण में 300 स्थानों पर ITMS स्थापित किया जाएगा। इस प्रकार पूरे बिहार में कुल 500 स्थानों पर यह आधुनिक ट्रैफिक निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी।

10 वर्षों में खर्च होंगे 622 करोड़ रुपये

अपर मुख्य सचिव के अनुसार इस परियोजना पर वर्ष 2026-27 से 2037-38 तक लगभग 622 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित किया जाएगा।

ऑटोमैटिक चालान से लेकर संदिग्ध वाहनों की पहचान तक

ITMS के तहत अत्याधुनिक कैमरे और स्मार्ट तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से:

  • ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का स्वतः चालान कट सकेगा।
  • वाहनों की नंबर प्लेट पहचान कर पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
  • संदिग्ध और वांछित वाहनों की पहचान आसान होगी।
  • सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।

सरकार का दावा है कि इस प्रणाली के लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में करीब 22 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।

विकास और ट्रैफिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं में जमीन खरीद-बिक्री की अनुमति और ITMS जैसी आधुनिक व्यवस्था बिहार में शहरी विकास तथा यातायात प्रबंधन को नई दिशा दे सकती है। इससे निवेश, आवासीय विकास और सड़क सुरक्षा को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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