बरेली को मिली 250 करोड़ की सौगात! 80 एकड़ में बनेगा मेगा टेक्सटाइल पार्क, उद्योगों के लिए आवेदन शुरू
बरेली में 250 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक टेक्सटाइल पार्क बनाया जाएगा। 79.61 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। जानिए पूरी योजना।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी टेक्सटाइल एवं अपैरल नीति के तहत बरेली को बड़ी औद्योगिक सौगात मिली है। जिले में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की घोषणा के बाद परियोजना को गति मिल गई है और उद्योग स्थापना के इच्छुक उद्यमियों से आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं। यह पार्क न केवल वस्त्र उद्योग को नई दिशा देगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का केंद्र भी बनेगा।
79.61 एकड़ में विकसित होगा टेक्सटाइल पार्क
प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क बहेड़ी से लगभग 10 किलोमीटर दूर ग्राम सैदपुर खुर्द स्थित उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल परिसर में विकसित किया जाएगा। करीब 79.61 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह पार्क प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगा। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और राज्य सरकार ने सहकारी कताई मिल की जमीन निशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है।
250 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी परियोजना
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट के अनुसार पार्क का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल या नोडल एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
कुल अनुमानित लागत: 250 करोड़ रुपये
परियोजना अवधि: 5 वर्ष
अत्याधुनिक औद्योगिक सुविधाएं
रोजगार और निवेश को बढ़ावा
उद्योगों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
पार्क में निवेश करने वाली इकाइयों को आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रमुख सुविधाएं
प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड
आंतरिक सड़क नेटवर्क
विद्युत वितरण प्रणाली
जल आपूर्ति एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन
कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP)
गोदाम एवं लॉजिस्टिक्स सेंटर
कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र
श्रमिक हॉस्टल
स्वास्थ्य सुविधाएं
सामान्य प्रसंस्करण केंद्र
सहायक उद्योगों को भी मिलेगा लाभ
यह पार्क केवल वस्त्र निर्माण इकाइयों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े सहायक उद्योगों को भी जगह दी जाएगी। इनमें शामिल हैं:
बटन निर्माण इकाइयां
जिपर और फास्टनर उद्योग
लेबल एवं टैग निर्माण
पैकेजिंग सामग्री उद्योग
तकनीकी वस्त्र इकाइयां
वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स
योजना के तहत कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी।
कौशल विकास और रिसर्च पर रहेगा फोकस
पार्क में उद्योगों के साथ-साथ अनुसंधान और मानव संसाधन विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रस्तावित सुविधाएं
अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र
गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला
कौशल विकास केंद्र
विपणन एवं प्रदर्शनी केंद्र
श्रमिक आवास
कॉमन कैंटीन
ट्रक पार्किंग
फायर स्टेशन
हरित क्षेत्र
निवेशकों को मिलेगा विशेष वित्तीय प्रोत्साहन
UP Textile and Garmenting Policy 2022 के तहत पार्क में उद्योग लगाने वाली इकाइयों को कई तरह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
प्रमुख प्रोत्साहन
प्लांट एवं मशीनरी पर 25% पूंजी अनुदान
ऋण पर 60% ब्याज प्रतिपूर्ति
अन्य अनुमन्य औद्योगिक लाभ
PPP मॉडल में मास्टर डेवलपर को परियोजना लागत का 50% पूंजी अनुदान
नोडल एजेंसी मॉडल में ब्याज मुक्त ऋण
आवेदन प्रक्रिया शुरू, उद्यमियों को मौका
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने पार्क में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। सहायक आयुक्त सर्वेश कुमार शुक्ला को इस परियोजना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
विभाग को उम्मीद है कि यह परियोजना बरेली को उत्तर प्रदेश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करेगी और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करेगी।
रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि बहेड़ी में बनने वाला यह टेक्सटाइल पार्क बरेली मंडल के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं और कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा प्रदेश का वस्त्र उद्योग राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।




