बरेली में आंधी का तांडव: 419 बिजली पोल टूटे, 23 ट्रांसफार्मर फेल, हजारों घरों में छाया अंधेरा
Bareilly Storm News: बरेली में तेज आंधी से 419 बिजली पोल टूट गए और 23 ट्रांसफार्मर खराब हो गए। 154 पेड़ गिरने से बिजली, पानी और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।

बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली में भीषण आंधी और बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने बिजली व्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। जिले में 419 बिजली पोल टूट गए और 23 ट्रांसफार्मर खराब हो गए, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हालात ऐसे रहे कि 24 घंटे बाद भी कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो सकी, जबकि पेयजल संकट और यातायात बाधित होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
आंधी ने बिजली व्यवस्था को किया ध्वस्त
बरेली में आई तेज आंधी ने बिजली नेटवर्क को बुरी तरह प्रभावित किया। ग्रामीण क्षेत्रों में 325 और शहरी क्षेत्रों में 94 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा 23 ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए, जिससे जिले के कई हिस्सों में लंबे समय तक बिजली गुल रही।
पेड़ गिरने और हाईटेंशन लाइनों के टूटने से बिजली विभाग को आपूर्ति बहाल करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। गुरुवार देर रात तक कई मोहल्लों और गांवों में अंधेरा छाया रहा।
बिजली संकट से बढ़ी लोगों की परेशानी
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर सिर्फ रोशनी तक सीमित नहीं रहा।
लोगों को हुई ये दिक्कतें
- इनवर्टर और बैटरियां जवाब दे गईं।
- मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने लगे।
- गर्मी और उमस में लोगों को रातभर जागना पड़ा।
- ट्यूबवेल बंद होने से पेयजल संकट गहरा गया।
- कारोबार और छोटे उद्योगों का काम प्रभावित हुआ।
154 पेड़ गिरने से थमी शहर की रफ्तार
आंधी के दौरान शहर और आसपास के इलाकों में करीब 154 पेड़ और बड़ी शाखाएं गिर गईं। कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हो गया और वाहन घंटों फंसे रहे। पेड़ों के बिजली लाइनों पर गिरने से कई क्षेत्रों में अतिरिक्त नुकसान हुआ और मरम्मत कार्य में देरी हुई।
राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
स्थिति को सामान्य बनाने के लिए नगर निगम ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया।
राहत कार्य में लगाए गए संसाधन
- 150 कर्मचारी
- 8 बुलडोजर
- 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली
- 40 छोटे मालवाहक वाहन
- 6 इंजीनियरों की विशेष टीम
नगर निगम की टीमें रातभर सड़कों से गिरे पेड़, शाखाएं और मलबा हटाने में जुटी रहीं।
बिजली विभाग और नगर निगम ने मिलकर संभाली कमान
आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहे। नगर निगम और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने बिजली लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाकर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया। हालांकि, कई इलाकों में देर रात तक भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।
मानसून से पहले खुली आपदा प्रबंधन की तैयारियों की पोल
आंधी ने शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई पुराने और जर्जर पेड़ गिरने से लोगों में डर का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कमजोर पेड़ों की पहचान और छंटाई की जाती तो नुकसान कम हो सकता था। अब नगर निगम ऐसे पेड़ों की सूची तैयार कर रहा है, जो भविष्य में खतरा बन सकते हैं।
नगर आयुक्त ने क्या कहा?
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार, आंधी के तुरंत बाद सभी जोनों में राहत टीमें सक्रिय कर दी गई थीं। प्राथमिकता सड़कों को खुलवाने और जनसुविधाओं को बहाल करने की रही। अधिकांश मार्गों को साफ करा दिया गया है और शेष प्रभावित क्षेत्रों में कार्य जारी है।




