बिहार

SC-ST जमीन हक की लड़ाई तेज: डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बिहार में एससी-एसटी परिवारों को आवंटित जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने के लिए विशेष अभियान शुरू। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश, अवैध कब्जे पर सख्त कार्रवाई के आदेश।

पटना. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को सरकार द्वारा आवंटित भूमि पर वास्तविक दखल-कब्जा दिलाने के लिए एक बार फिर विशेष अभियान शुरू किया गया है। नए मंत्रियों के पदभार ग्रहण के साथ इस तरह के अभियानों की शुरुआत की परंपरा रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध: सचिव

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि विभाग अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों को आवंटित एवं बंदोबस्त की गई भूमि पर शत-प्रतिशत दखल-कब्जा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस वर्ग को दी गई सरकारी, अधिशेष, भूदान या क्रय की गई भूमि से यदि किसी निजी व्यक्ति द्वारा बेदखल किया जाता है, तो इसे गंभीर और दंडनीय अपराध माना जाएगा।

शत-प्रतिशत दखल-कब्जा दिलाना लक्ष्य

सचिव ने बताया कि अभियान के तहत सभी पात्र पर्चाधारियों को उनकी आवंटित भूमि पर पूर्ण दखल-कब्जा दिलाना राज्य सरकार का लक्ष्य है। यह पहल सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

संवैधानिक और कानूनी संरक्षण का उल्लेख

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद-46 में विशेष प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 की धारा 3(f) के तहत इस वर्ग को आवंटित भूमि पर अवैध कब्जा करना दंडनीय अपराध है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पर्चाधारियों को उनका वैध अधिकार दिलाया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “हमारा स्पष्ट लक्ष्य है कि एक भी पात्र परिवार अपनी आवंटित भूमि से वंचित न रहे। यह केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक दायित्व का निर्वहन है। राज्य सरकार हर हाल में गरीब, वंचित और पर्चाधारी परिवारों के साथ खड़ी है।”

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