
नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार इस वर्ष के अंत तक दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में 2800 नई एसी लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने जा रही है। इन बसों के संचालन से लाखों यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ शहर के दूरस्थ इलाकों तक बस सेवाओं का विस्तार भी होगा।
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत मिलेंगी बसें
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के अनुसार, केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2800 नई इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली को मिलेंगी। इनमें शामिल हैं:
- 1400 बसें (12 मीटर लंबाई वाली)
- 1400 बसें (9 मीटर लंबाई वाली)
इन बसों को चरणबद्ध तरीके से डीटीसी के बेड़े में शामिल किया जाएगा और वर्ष 2026 के अंत तक सभी बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
सार्वजनिक परिवहन की पहुंच होगी बेहतर
सरकार का कहना है कि नई बसों के शामिल होने से न केवल मुख्य मार्गों पर सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि उन क्षेत्रों तक भी सार्वजनिक परिवहन पहुंचाया जाएगा जहां अभी बस सुविधाएं सीमित हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राजधानी के हर हिस्से तक सुलभ और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस
दिल्ली सरकार लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। योजना के तहत ऐसी बस सेवाएं विकसित की जा रही हैं, जो यात्रियों को उनके घर, कॉलोनी या मोहल्ले के नजदीक से उपलब्ध हों और मेट्रो स्टेशन व अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करें। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
9 मीटर बसों का प्रदर्शन रहा शानदार
परिवहन विभाग के अनुसार, दिल्ली में पहले से संचालित 9 मीटर लंबाई वाली इलेक्ट्रिक बसों को यात्रियों से अच्छा प्रतिसाद मिला है। ये बसें विशेष रूप से फीडर और लोकल रूट्स पर प्रभावी साबित हुई हैं। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए नई बसों की खरीद की जा रही है, ताकि व्यस्त मार्गों और स्थानीय रूट्स दोनों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
2028-29 तक 14 हजार बसों का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने वर्ष 2028-29 तक राजधानी में सार्वजनिक परिवहन बसों की कुल संख्या बढ़ाकर लगभग 14,000 करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में दिल्ली की सड़कों पर करीब 4300 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जिससे राजधानी देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क वाले शहरों में शामिल है।
इस साल 7500 ई-बसों का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष के अंत तक दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर लगभग 7500 हो जाए। इसके लिए नई बसों की खरीद और संचालन की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ाई जा रही है।
फेज-II में आएंगी 3330 और इलेक्ट्रिक बसें
परिवहन मंत्री ने बताया कि पीएम ई-ड्राइव फेज-II के तहत 3330 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल करने की योजना है। इनमें:
- 500 बसें 7 मीटर लंबाई वाली होंगी
- फीडर सेवाओं के लिए विशेष रूप से इस्तेमाल होंगी
- ग्रामीण और कम सुविधा वाले इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाने में मदद करेंगी
इससे दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।




