
पटना. बिहार में खेलों के विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। राज्य सरकार अब खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने, खेल अवसंरचना को मजबूत करने और ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
खिलाड़ियों को मिलेंगी ओलंपिक स्तर की सुविधाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल ढांचे का विकास किया जाए, ताकि बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना को और प्रभावी बनाने की तैयारी कर रही है।
योजना का उद्देश्य
- खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का अवसर
- खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन
- युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करना
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हर संभव सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
प्रखंड स्तर पर बनेंगे आधुनिक आउटडोर स्टेडियम
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रखंड स्तर पर निर्माणाधीन आउटडोर स्टेडियमों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश
- स्टेडियम निर्माण कार्य में तेजी
- संचालन और रखरखाव के लिए PPP मॉडल
- खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
- स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा
सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर मिलें।
राजगीर खेल विश्वविद्यालय में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर जोर
मुख्यमंत्री ने खेल विश्वविद्यालय, राजगीर में ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने पर बल दिया जो नवाचार आधारित हों और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि खेल शिक्षा को रोजगार और आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
जिला खेल भवन और व्यायामशालाओं के निर्माण में तेजी
राज्य सरकार जिला स्तरीय खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता दे रही है।
फोकस क्षेत्र
- जिला स्तरीय खेल परिसर
- आधुनिक जिम और प्रशिक्षण केंद्र
- PPP मॉडल के जरिए संचालन
- खेल प्रतिभाओं को बेहतर माहौल
पंचायत स्तर पर खेल संस्कृति विकसित करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सव और प्रतियोगिताओं के आयोजन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत खेल क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों को जोड़कर खेल संस्कृति को मजबूत किया जाए।
उद्देश्य
- ग्रामीण प्रतिभाओं की पहचान
- स्थानीय स्तर पर प्रतियोगिताएं
- युवाओं में खेल के प्रति रुचि
- स्वस्थ समाज का निर्माण
डुमरी खेल परिसर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने पटना के डुमरी खेल परिसर में विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा:
- राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
- जिला और प्रखंड स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार
- आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने की योजना
8053 पंचायतों में खेल मैदान निर्माण का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि राज्य की 8053 ग्राम पंचायतों में से 5266 पंचायतों में खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है।
वर्तमान स्थिति
- 5266 पंचायतों में खेल मैदान तैयार
- शेष पंचायतों में निर्माण कार्य जारी
- ग्रामीण खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
खेलों के क्षेत्र में बिहार को नई पहचान देने की तैयारी
राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर खेल अवसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने वाली योजनाएं बिहार को देश के प्रमुख खेल राज्यों में शामिल कर सकती हैं। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का लाभ हजारों खिलाड़ियों और युवाओं को मिलने की उम्मीद है।




