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सत्ता, वर्दी और सच: जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP ने जनरल नरवणे को दी दो-टूक नसीहत

लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की पुस्तक का हवाला देकर राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाने से हंगामा, पूर्व डीजीपी एसपी वैद की नसीहत और सरकार-विपक्ष में तीखी बहस।

नई दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण (मेमॉयर) पर आधारित एक लेख का हवाला देकर बीते दो दिनों से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की है। मंगलवार को उन्होंने चीन के साथ सैन्य टकराव का मुद्दा फिर उठाया, जिसके बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला।

हंगामे के बीच पूर्व डीजीपी एसपी वैद का बड़ा बयान

संसद में चल रहे विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जनरल नरवणे को नसीहत दी। उन्होंने लिखा कि पूर्व सेना प्रमुख को अधिक समझदारी दिखानी चाहिए थी। वर्दीधारी सैनिकों के पास मौजूद कई संवेदनशील जानकारियाँ ऐसी होती हैं, जो उनके साथ ही रहनी चाहिए। यदि हर कोई इन विषयों पर सार्वजनिक रूप से बोलने लगे, तो सरकारें असहज स्थिति में आ सकती हैं।

राहुल गांधी ने लेख को सत्यापित करने की उठाई मांग

राहुल गांधी ने लोकसभा के पटल पर नरवणे की पुस्तक पर आधारित लेख रखते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि इसकी सत्यता की जांच की जाए। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताया, जो चीन और पाकिस्तान से संबंधित है और राष्ट्रपति के अभिभाषण का भी अहम हिस्सा रहा है।

सत्तापक्ष की आपत्ति, विपक्ष का पलटवार

राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब आसन की ओर से व्यवस्था दी जा चुकी है, तो उस विषय का उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए। इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।

खरगे ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि राहुल गांधी को पूर्व सेनाध्यक्ष की पुस्तक पर बोलने से रोका जाना चौंकाने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस किताब में ऐसा क्या है, जिससे मोदी सरकार के बड़े-बड़े मंत्री घबरा रहे हैं। खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में जवाब देने से बच रही है।

‘मोदी सरकार क्यों है असहज?’

खरगे ने आगे कहा कि पूर्व सेनाध्यक्ष की किताब के प्रकाशन को कौन रोक रहा है, यह देश जानना चाहता है। उन्होंने 2020 के गलवान संघर्ष का उल्लेख करते हुए दावा किया कि 20 जवानों के बलिदान के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चीन को क्लीन चिट दिए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या संसद में इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर देश को विश्वास में लिया गया है।

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