ग्रामीण सेवा शिविर बना राहत का केंद्र: किसान को ₹1.25 लाख अनुदान, रुकी पेंशन भी हुई बहाल
उदयपुर जिले के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान, बुजुर्गों की रुकी पेंशन बहाल, विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र और राजस्व मामलों का मौके पर समाधान किया गया।

उदयपुर. ग्रामीण सेवा शिविर-2026 अभियान उदयपुर जिले के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अभियान के शुरुआती चरण में ही बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया गया। कृषि अनुदान से लेकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन बहाली, विवाह पंजीयन और राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों के निराकरण तक कई मामलों का मौके पर समाधान हुआ।
किसान को मिला ₹1.25 लाख का कृषि अनुदान
मावली में आयोजित शिविर में लदानी निवासी किसान शंकरलाल को कृषि यंत्र खरीदने के लिए 1 लाख 25 हजार रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया। आर्थिक तंगी के कारण वह आधुनिक कृषि यंत्र नहीं खरीद पा रहे थे।
शिविर के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी और आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाई। आवेदन स्वीकृत होने के बाद एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा और उपखंड अधिकारी रमेश सिरवी पुनाड़िया की उपस्थिति में उन्हें अनुदान राशि का चेक सौंपा गया। शंकरलाल ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
महीनों से रुकी पेंशन हुई बहाल
ग्राम पंचायत चांदवास में आयोजित शिविर तीन महिलाओं—हरकू, राजूड़ी और सवली—के लिए भी राहत लेकर आया। बायोमीट्रिक और फेस वेरिफिकेशन में तकनीकी समस्याओं के कारण उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन कई महीनों से बंद थी।
शिविर में मामला सामने आने पर अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया अपनाकर समस्या का समाधान किया। कुछ ही मिनटों में सत्यापन पूरा होने के बाद तीनों महिलाओं की रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी गई।
पात्र महिलाओं को सौंपे गए पीपीओ
इसी शिविर में ग्राम पंचायत चांदवास की रामा, वारकी और केशरी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान आदेश (पीपीओ) भी वितरित किए गए। इससे उन्हें नियमित पेंशन का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया।
मौके पर मिला विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र
चांदवास निवासी उदयलाल के विवाह पंजीयन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं शिविर में ही पूरी कर उन्हें विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि का हुआ निराकरण
ग्राम पंचायत चीरवा में आयोजित शिविर में खातेदार राजेश मेनारिया ने नक्शा शुद्धिकरण के लिए आवेदन किया। मामले की जांच के बाद उपखंड अधिकारी मनसुख डामोर और नायब तहसीलदार रमेश कुमार राजपुरोहित ने राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन कर समस्या का समाधान कराया।
गांव में ही मिल रहा समाधान
ग्रामीण सेवा शिविर अभियान यह साबित कर रहा है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के जरिए आमजन की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही संभव है। एक ही स्थान पर पेंशन बहाली, पीपीओ वितरण, विवाह पंजीयन और राजस्व संबंधी कार्यों के समाधान से ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला।
ग्रामीणों और लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है, क्योंकि अब प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।




