भोजशाला पहुंचे विधायक रामेश्वर शर्मा, बोले- मुस्लिम समाज ऐतिहासिक सत्य स्वीकार कर धरोहर हिंदुओं को सौंपे
धार की भोजशाला पहुंचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने भोजशाला को राजा भोज द्वारा निर्मित मंदिर बताते हुए ऐतिहासिक सत्य स्वीकार करने की अपील की।
धार. धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने पहुंचकर मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भोजशाला को राजा भोज द्वारा निर्मित मां सरस्वती का पावन मंदिर बताते हुए कहा कि इससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को स्वीकार करने का समय आ गया है। उन्होंने मुस्लिम समाज से भी ऐतिहासिक सत्य को स्वीकार करने की अपील की।
भोजशाला को बताया आस्था और संस्कृति का केंद्र
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भोजशाला केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजा भोज द्वारा निर्मित यह धरोहर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है और इसके गौरव की पुनर्स्थापना आवश्यक है।
न्यायपालिका ने भी स्वीकार किए ऐतिहासिक तथ्य
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भोजशाला को लेकर सदियों से चला आ रहा विवाद अब सत्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार न्यायपालिका ने भी इस मामले से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और साक्ष्यों को स्वीकार किया है। उन्होंने सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे सच्चाई को स्वीकार करते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।
700 वर्षों के संघर्ष को किया नमन
विधायक ने धार के हिंदू समाज की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों ने करीब 700 वर्षों तक इस विषय को जीवित रखा और अपनी आस्था की लौ को बुझने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल एक मंदिर के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और विरासत के संरक्षण के लिए भी रहा है।
देशभर में गूंजेगी धार की आवाज
अपने संबोधन में रामेश्वर शर्मा ने विश्वास जताया कि भोजशाला का मुद्दा केवल धार तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां से उठने वाली आवाज देशभर में सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति जागरूकता का माध्यम बनेगी।
श्रद्धालुओं की मौजूदगी में किया परिसर का अवलोकन
भोजशाला परिसर में विधायक के आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने परिसर का अवलोकन किया और व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।




