
पटना. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव करीब डेढ़ महीने बाद रविवार को पटना लौटे। सपरिवार विदेश यात्रा से लौटने के बाद पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नई सरकार को वे 100 दिनों का समय दे रहे हैं। इस दौरान महिलाओं के खातों में दो लाख रुपये देने, अपराध नियंत्रण और रोज़गार से जुड़े वादों को पूरा करने की मांग दोहराई।
चुनाव में धांधली का फिर लगाया आरोप
तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनतंत्र को धनतंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया गया है। किस तरह से षड्यंत्र रचा गया और छल-कपट से चुनाव जीते गए—यह पूरा देश जानता है। उन्होंने कहा कि बिहार में नई सरकार कैसे बनी, इससे कोई अनजान नहीं है।
100 दिन तक चुप, लेकिन नजर रहेगी
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि वे सकारात्मक राजनीति करते हैं, इसलिए 100 दिन तक सरकार की नीतियों और फैसलों पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे देखेंगे—
- कब माताओं-बहनों को दो-दो लाख रुपये मिलते हैं
- कब एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाती है
- कब हर जिले में चार-पांच कारखाने लगाए जाते हैं
- अब यह सरकार की जिम्मेदारी है कि चुनावी घोषणापत्र को जमीन पर उतारे।
विदेश यात्रा और विपक्ष के सवाल
बताया जा रहा है कि विदेश यात्रा से लौटकर तेजस्वी यादव 2 दिसंबर को दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद वे एक शादी समारोह में उत्तराखंड गए और अब पटना लौटे हैं। उनकी लंबी छुट्टी को लेकर विपक्ष ने कई सवाल भी उठाए थे।
लालू यादव भी लौटे पटना
इधर, लालू प्रसाद यादव भी रविवार को दिल्ली से पटना लौटे। उनके साथ बेटी मीसा भारती भी मौजूद थीं। दिल्ली में इससे पहले लैंड फॉर जॉब केस में कोर्ट में पेशी के दौरान तेजस्वी और तेज प्रताप यादव का आमना-सामना भी हुआ था।




