ममता बनर्जी के लोकसभा चुनाव लड़ने की अफवाह पर मचा बवाल, सौरव गांगुली और यूसुफ पठान ने तोड़ी चुप्पी
बहरामपुर लोकसभा सीट से ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने और यूसुफ पठान से इस्तीफा मांगने की खबरों पर सौरव गांगुली और यूसुफ पठान ने सफाई देते हुए सभी दावों को खारिज कर दिया।
बहरामपुर. पश्चिम बंगाल की राजनीति में बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर एक खबर ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। दावा किया गया कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी बहरामपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं और इसके लिए सांसद यूसुफ पठान से सीट खाली करने को कहा गया है। हालांकि इस खबर के वायरल होते ही पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली और सांसद यूसुफ पठान दोनों ने सामने आकर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
बहरामपुर सीट को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद की शुरुआत एक बंगाली अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट से हुई, जिसमें दावा किया गया कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए लोकसभा पहुंचना चाहती हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी नजर बहरामपुर लोकसभा सीट पर है, जहां से वर्तमान में यूसुफ पठान सांसद हैं।
सौरव गांगुली का नाम आने से बढ़ा हंगामा
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि ममता बनर्जी ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली से यूसुफ पठान को सीट छोड़ने के लिए मनाने को कहा था। खबर में यहां तक कहा गया कि यूसुफ पठान ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
सौरव गांगुली ने दावों को बताया निराधार
विवाद बढ़ने के बाद सौरव गांगुली ने स्पष्ट किया कि मीडिया में प्रकाशित खबरें पूरी तरह गलत और तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें कभी भी यूसुफ पठान तक कोई संदेश पहुंचाने के लिए नहीं कहा। गांगुली ने यह भी दोहराया कि उनका राजनीति से किसी प्रकार का संबंध नहीं है।
यूसुफ पठान ने भी दी सफाई
बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान ने भी वायरल खबरों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे कभी इस्तीफा देने या सीट खाली करने की बात नहीं की। यहां तक कि हाल की मुलाकातों में भी इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई।
‘न पार्टी का संदेश, न इस्तीफे की बात’
यूसुफ पठान ने कहा कि न तो ममता बनर्जी और न ही पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने उन्हें सांसद पद छोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने अफसोस जताया कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस तरह की खबरों पर सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर बहस शुरू हो गई।
अफवाहों पर लगा विराम
सौरव गांगुली और यूसुफ पठान दोनों की सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बहरामपुर सीट को लेकर चल रही चर्चाएं और दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इस तरह की किसी राजनीतिक योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।



