खूंटी में अवैध अफीम खेती के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान, ग्रामीणों को किया जागरूक
खूंटी जिले में पुलिस ने अवैध अफीम खेती के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। ग्रामीणों को NDPS कानून, नशे के दुष्परिणाम और वैकल्पिक खेती के बारे में जानकारी दी गई।

खूंटी. झारखंड के खूंटी जिले में अवैध अफीम खेती पर रोक लगाने और नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री Hemant Soren के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक Rishabh Garg के नेतृत्व में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ग्रामीणों को अवैध अफीम खेती के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
गांव-गांव पहुंची पुलिस, लोगों को किया जागरूक
अभियान के तहत थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान लोगों को बताया गया कि अफीम की अवैध खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे समाज और परिवार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियां युवाओं के भविष्य और सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि अफीम की खेती या उससे संबंधित किसी भी गतिविधि में शामिल पाए जाने पर NDPS Act के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार की अवैध खेती से दूर रहें।
पूर्व आरोपियों ने भी साझा किए अनुभव
अभियान की खास बात यह रही कि इसमें ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया जो पहले एनडीपीएस मामलों में आरोपपत्रित रह चुके हैं और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। इन लोगों ने ग्रामीणों के बीच अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार या खेती में शामिल होने से व्यक्ति, परिवार और समाज को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने लोगों से इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की अपील की।
किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए किया प्रेरित
पुलिस प्रशासन ने किसानों को अफीम की खेती छोड़कर वैकल्पिक और लाभकारी फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि कानूनी और टिकाऊ कृषि गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ समाज को भी सुरक्षित बनाती हैं।
ग्रामीणों ने दिया सहयोग का भरोसा
अभियान के दौरान ग्रामीणों ने अवैध अफीम खेती के खिलाफ पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने नशामुक्त और अपराधमुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प भी लिया।




